दो हजार पुन:नियुक्त रिटायर्ड कर्मचारियों को घर भेजेगा रेलवे, संविदा पर फिक्स वेतन पर होगी कर्मचारियों की नियुक्त

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अमित दवे/जोधपुर. कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे रेलवे बोर्ड ने पुनर्नियुक्ति पर लगे रिटायर्ड कर्मचारियों को घर भेजने की तैयारी शुरू कर ली है। इन कर्मचारियों को तय समयावधि 30 नवम्बर से पहले, संभवत: आगामी दो-तीन दिन में कार्यमुक्त कर घर भेज दिया जाएगा।

रेलवे ने कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए गत 16 अक्टूबर 2018 को आदेश जारी कर सेवानिवृत्त कर्मियों को नियुक्तियां दी थी। अब रेलवे बोर्ड की ओर हाल ही जारी आदेश से उत्तर पश्चिम सहित देश के सभी जोनल मुख्यालयों के करीब 32 हजार व जोधपुर मण्डल के करीब 2 हजार रिटायर्ड कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। जोधपुर मण्डल में इंजीनियरिंग, परिचालन, मैकेनिकल (पॉवर), मैकेनिकल (डीजल), सिगनल एण्ड टेली कम्युनिकेशन, वाणिज्य, मैकेनिकल (सीएण्डडब्ल्यू), बिजली मिनिस्ट्रियल कर्मचारी व चिकित्सा आदि विभागों में करीब 2 हजार रिटायर्ड कर्मचारी लगे हुए है।

रेलवे रिटायर्ड कर्मचारियों के स्थान पर संविदा पर फिक्स वेतन पर कर्मचारी नियुक्त करेगा। सेवानिवृत्त रेलकर्मियों की पुन: नियुक्ति के नियमानुसार, वर्तमान में नियुक्त पूर्व रेलकर्मी को उसके सेवानिवृत्ति के दिन मिलने वाले अंतिम मूल वेतन व महंगाई भत्ते में से पेंशन की राशि घटाकर मासिक मानदेय दिया जा रहा है।


ट्रेनें व स्टेशन पहले ही ठेके पर
रेलवे निजीकरण की राह पर है। रेलवे ने हाल ही में देश की 150 ट्रेनों व 50 स्टेशनों का संचालन आइआरसीटीसी को सौंप चुका है। वहीं जिन विभागों में कर्मचारियों की कमी है, वहां पर ठेके के कर्मचारियों को नियुक्त किया जा चुका है। जोधपुर में स्टेशन की सफाई, रनिंग रूम का रखरखाव, टे्रनों में लिनन वितरण, पेन्ट्री कार, पार्सल गोदाम में पार्सल लोड-अनलोड आदि ठेके पर दिए जा चुके हैं।

रेलवे ने यह आदेश भी दिए
- इस वर्ष रेलवे देशभर में 3 लाख कर्मचारियों को घर भेजेगी। इसके लिए मापदण्ड भी तय किए हैं। रेलवे बोर्ड ने देश सभी जोनल मुख्यालयों को पत्र जारी कर वर्ष 2019-20 से 2020-30 की अवधि में रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की डिटेल मांगी है।
- जिन कर्मचारियों की 33 साल की सेवा हो चुकी है, या वे 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके है या दोनों में से एक शर्त पूरी कर चुके हो, ऐसे कर्मचारियों को सेवामुक्त किया जाएगा।

भ्रष्ट और काम में कोताही बरतने वाले भी जाएंगे घर
जिन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप है या वे काम में कोताही बरत रहे है, रेलवे बोर्ड ने इसकी भी जोन मुख्यालयों के माध्यम से सभी मण्डल मुख्यालयों से डिटेल मांगी है। ऐसे कर्मचारियों को रेलवे 30 साल की सर्विस व 55 वर्ष की आयु पूरी करने या दोनों में से एक शर्त पहले पूरी होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की तैयारी कर रहा है।

इनका कहना है
रेलवे कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रहा है। इस योजना से रेलवे को नुकसान होगा। ऐसे निर्णय से पहले रेलवे को पुनर्विचार करना चाहिए।
मनोजकुमार परिहार, मण्डल सचिव, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉयज यूनियन, जोधपुर

रेलवे के इस कदम से कर्मचारियों के साथ रेलवे का काम प्रभावित होगा। संघ शुरू से ही निजीकरण का विरोध कर रहा है।
अजय शर्मा, मण्डल सचिव, उत्तर पश्चिम रेलवे संघ, जोधपुर

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