जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने हेड मास्टर पदों पर भर्ती (Recruitment to head master posts) को लेकर दायर याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी (Notice issued to the state government) कर जवाब तलब किया है। साथ ही कहा कि संपूर्ण भर्ती याचिका के अध्यधीन रहेगी।
न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्रसिंह भाटी ने सत्यवीरसिंह व अन्य की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश दिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गजेंद्र सिंह बुटाटी व प्रदीप परिहार ने कोर्ट को बताया की हेड मास्टर के कुल 1200 पदों पर मार्च 2018 को भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सितंबर, 2018 में लिखित परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन अगस्त 2019 में काउंसलिंग के तुरंत बाद भर्ती प्रक्रिया में सरकार ने कुछ परिवर्तन कर दिया। इससे याची मैरिट में नहीं आ पाए, जबकि होरिजेंटल आरक्षण के तहत याची मैरिट में स्थान पा सकते थे।
दरअसल, राज्य सरकार ने 16 अगस्त, 2016 को एक अधिसूचना जारी करते हुए यह स्पष्ट किया था कि जो पूर्व सैनिक एक बार इस संवर्ग में आरक्षण का लाभ लेकर सिविल सेवा प्राप्त कर चुका है, वह दुबारा आरक्षण का लाभ नहीं ले सकेगा, ताकि अन्य पूर्व सैनिकों को भी इस संवर्ग के आरक्षण का लाभ मिल सके। लेकिन हाल ही 22 अगस्त को सरकार ने अधिसूचना के माध्यम से पूर्व सैनिकों को एक से अधिक बार आरक्षण का लाभ दे दिया।
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