जीएसटी चोरी के छात्र के दस्तावेज से बनाई फर्जी फर्म, गबन-फर्जीवाड़े के मामले में सीए गिरफ्तार

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जोधपुर. फर्जी दस्तावेजों से फर्में बनाने और फर्जी हस्ताक्षर कर २.९३ करोड़ रुपए का लेन-देन करने के आरोपी चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) को सरदारपुरा थाना पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने फर्जी दस्तावेज से ३५ फर्में बना ९९ करोड़ रुपए का लेन-देन कर तीस करोड़ रुपए के जीएसटी का गबन किया है।थानाधिकारी लिखमाराम के अनुसार प्रकरण में गिरफ्तार चौहाबो थानान्तर्गत शंकरनगर निवासी सीए गौरव (२९) पुत्र संपतलाल माहेश्वरी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले की सेल्स टैक्स विभाग की ओर से अलग से जांच की जा रही है।

खेतानाडी के पास हनुमान कॉलोनी निवासी पंकज काबरा ने गत वर्ष ४ अगस्त को सीए गौरव माहेश्वरी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसका आरोप है कि वह वर्ष २०११ में सीए की कोचिंग के लिए सीए गौरव के पास जाता था। जीएसटी लागू होने पर सीए ने पंकज के नाम पंकज इंटरप्राइजेज जोधपुर व प्रोजेक्शन ट्रेडर्स अहमदाबाद नामक दो फर्में बनाईं थी। पंकज के नाम दोनों फर्में पंजीकृत हो गईं। एक फर्म का पता उसके पिता की कपड़ों की दुकान का बताया गया था। बोम्बे मोटर्स चौराहा स्थित निजी बैंक में पंकज इंटरप्राइजेज का खाता खुलवा दिया गया। बैंक से जारी चेक सीए ही उपयोग में लेता था। उन पर पंकज के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर २.९३ करोड़ ३१ लाख २६२ रुपए का लेन-देन कर दिया था। सेल्स टैक्स से नोटिस मिलने पर उसे पता लगा था।

आयकर रिटर्न भरने वालों के दस्तावेजों का दुरुपयोग
आरोपी गौरव माहेश्वरी अपने परिचित अथवा आयकर रिटर्न भरवाने वाले क्लाइंट के आइडी प्रूफ (आधार कार्ड/पेन कार्ड) का दुरुपयोग कर फर्जी फर्में बनाई और फर्मों के नाम से बैंक खाते खुलवा चेक बुक जारी करवा ली। फिर इन फर्मों के नाम करोड़ों रुपए के फर्जी बिल बना दिए गए।

सेवानिवृत्त बीएसएनएलकर्मी की फर्म में ३.६३ करोड़ का लेन-देन
चैनपुरा में देवकृपा नगर निवासी सेवानिवृत्त बीएसएनएल कर्मचारी झूमरलाल भाटी ने उसके आधार कार्ड में हेरा-फेरी कर फर्जी फर्म बनाने व बैंक से ३.६३ करोड़ रुपए के लेन-देन करने का मामला उदयमंदिर थाने में दर्ज कराया था। सेल्सटैक्स एंटीविजन विंग से फोन आने पर वह गत ११ फरवरी को कार्यालय गए तब पता लगा कि उसके नाम मेडिऑक्स पैकेजिंग सोल्यूशन नाम की फर्म चल रही है। जीएसटी से पंजीकृत इस फर्म में वर्ष २०१८-१९ में ३.६३ करोड़ रुपए का व्यवसाय हो चुका था।

जबकि झूमरलाल ने किसी फर्म का पंजीयन नहीं कराया था। फर्म के दस्तावेजों की जांच में पता लगा कि किसी व्यक्ति ने आधार कार्ड व उस पर लगी उसकी फोटो का दुरुपयोग कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया। ई-मेल व मोबाइल नम्बर भी फर्जी थे। झूमरलाल ने आयकर रिटर्न भरने के लिए पेन कार्ड, आधार कार्ड, फोटो आदि दस्तावेज सीए गौरव को दो साल पूर्व दिए थे। अंदेशा है कि यह धोखाधड़ी भी उसी ने की।

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