जेडीए ने जोर-शोर से विकास के शिलापट्ट लगा कर दिखाए विकास के सपने, अब तक शुरू नहीं कर पाया कोई काम

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अविनाश केवलिया/जोधपुर. ठीक एक साल पहले जब विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां थी तो शहर को विकास कार्यों के कई सपने दिखाए गए थे। शिलापट्ट लगे और फीते काटे गए। लेकिन जैसे ही चुनावी बयार के बाद सत्ता बदली ऐसे कई कार्य रोक दिए गए। जिन स्थानों पर शिलापट्ट लगे हैं उनको देख कर लोग रुकते हैं और उनमें दर्शाए गए काम को तलाशते हैं। लेकिन फिर उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।

jodhpur development authority unfinished projects in jodhpur

ढूंढते रहते हैं हेरिटेज पथ
कार्य का विवरण - घंटाघर से दो अलग-अलग मार्ग पर हेरिटेज पथ
बजट - 2.20 करोड़
भीतरी शहर के सौंदर्य को और निखारने के लिए हेरिटेज पथ का कॉन्सेप्ट लाया गया। घंटाघर से मेहरानगढ किले तक दो अलग-अलग मार्ग का शिलान्यास किया गया। एक घंटाघर से किलीखाना होते हुए किला घाटी तक और दूसरा घंटाघर से तूरजी का झालरा से उम्मेद चौक होकर किला घाटी तक मार्ग था। इसके लिए 2.20 करोड़ से अधिक राशि का बजट रखा गया। इन स्थानों पर पत्थर तो आज भी लगे हैं लेकिन पाथ नजर नहीं आता, बल्कि चार पहिया वाहनों का पार्र्किंग स्थल बन गया है।

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पुराने से ही चलाना पड़ेगा काम
कार्य का विवरण - सर्किट हाउस से एयरपोर्ट तक सडक़ के बीच हेरिटेज-कलात्मक डिवाइडर
बजट - 3.15 करोड़
इसे शहर की सबसे व्यवस्थित सडक़ माना गया। जो पर्यटक या अन्य लोग एयरपोर्ट से आते हैं उनके दिलोदिमाग पर शहर की छवि अच्छी जाए इसके लिए एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक की सडक़ के बीच हेरिटेज डिवाइडर लगाने का शिलान्यास किया गया था। इसका एक मकसद यह भी था कि लोहे के डिवाइडर आए दिन टूटते हैं व हादसे होते हैं। जिस संवेदक को काम दिया गया उसने छीतर के पत्थर का काम शुरू भी कर दिया। लेकिन मौके पर ये डिवाइडर नहीं बने। मौखिक रूप से काम रुकवा दिया, यह स्थिति अब तक बनी हुई है।

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सनराइज-मेडिटेशन पॉइंट कागजों में
कार्य का विवरण - गणेश मंदिर की पहाड़ी पर कुंड विकास, सनराइज, मेडिटेशन पॉइंट व स्टेप गार्डन का विकास
बजट - 1.98 करोड़
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गणेश मंदिर परिसर को खूब निखारा गया है। दो चरणों में अब तक अच्छा काम हुआ। इसी कारण तीसरे चरण का सपना भी दिखाया गया। लेकिन यह सपना अब तक आंखों में ही है। पहाड़ी के ऊपर बने कुंड, सनराइज पॉइंट और मेडिटेशन पॉइंट का काम आज तक शुरू नहीं हुआ। एक तोरण द्वार बना लेकिन इसके अलावा स्टेप गार्डन को फिर कागजों में भी दफन कर दिया गया।

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शहीदों का भी नहीं रखा मान
कार्य का विवरण - बीजेएस सर्किल से आरटीओ कार्यालय तक सडक़ को चौड़ा करना, पोल लेस, डिवाइडर के बीच शहीद पैडस्टल
बजट-8.5 करोड़
बीजेएस कॉलोनी की इस प्रमुख सडक़ को वॉरियर रोड के रूप में विकसित करने के लिए दो साल पहले प्रयास शुरू किए गए। सडक़ को पोललेस कर अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए 5 करोड़ स्वीकृत किए गए। यह काम 90 प्रतिशत हो गया। लेकिन इसके बाद न तो सडक़ का विकास हुआ और न ही डिवाइडर के बीच पैडस्टल लगे। इन कार्यों का शिलान्यास शहीदों के परिजनों से करवाया गया था। लेकिन वह मान भी नहीं रखा गया।

वर्कऑर्डर वाले काम तो पूरा करें : राठौड़
जेडीए के पूर्व चेयरमैन डॉ. महेंद्रसिंह राठौड़ ने कहा कि जिन कार्यों के वर्क ऑर्डर हुए हैं उनको पूरा करवाना चाहिए। यह शहर विकास व हित में है। राजनीति से ऊपर उठ कर काम होना चाहिए। कुछ काम तो हुआ है : जेडीए इस बारे में जब आयुक्त मेघराजसिंह रतनू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि भी पूरे मामले की जानकारी नहीं है, एसई से पूरी जानकारी ले सकते हैं। अधीक्षण अभियंता सुखराम चौधरी ने बताया कि तीसरे चरण का कुछ काम हुआ है व कुछ करवा रहे हैं। वॉरियर रोड में शिफ्टिंग सहित कई कार्य हो चुके हैं कुछ काम अभी बाकी है।



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