जोधपुर.
आंखे हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्राय: देखा गया है कि आंखों से संबंधित छोटी समस्या को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आगे चलकर यह समस्या बड़ी भी हो सकती है। इसलिए समय पर आंखों की जांच अवश्य करवाएं। यह कहना था अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में आए विशेषज्ञों का।
सेमिनार में विशेषज्ञों ने अंधता के कारण, निवारण एवं अंधता से बचाव के लिए रखने वाली सावधानियों के बारे में उपस्थित स्टूडेंट्स एवं पब्लिक को अवेयर किया। साथ ही नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम में एनपीसीबी के डायरेक्टर वीके तिवारी ने सरकार की ओर से अंधता निवारण के लिए लागू की गई योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि बीएसएफ फ्रंटियर के आईजी अमित लोढा ने बीएसएफ की ओर से अंधता निवारण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।
आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. अरविंद मौर्य ने मृत्यू के बाद नेत्रदान करने के लिए लोगों को जागरुक किया।
साथ ही एम्स नेत्र विभाग की ओर से किए गए कार्यों का विवरण भी दिया। एम्स डायरेक्टर डॉ. संजीव मिश्रा ने अंधता के निवारण के लिए चिकित्सकों की भूमिका के बारे में बताया। डॉ. साहिल भंडारी ने डायबिटिज की वजह से होने वाली आंखों की बीमारी के बारे में जानकारी दी।
रैली ने किया किया जागरुक
इससे पूर्व सुबह 8:30 बजे से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नेत्र रोग विभाग, परमात्मा चंद चैरिटेबल संस्थान, जिला अंधता निवारण समिति के तत्वावधान में अशोक उद्यान से पब्लिक अवेयरनेस रैली निकाली गई। जिसे आयोजन अध्यक्ष डॉ. अरविंद मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली अशोक उद्यान नहर रोड़ होते हुए एम्स ऑडिटोरियम पहुंच सम्पन्न हुई।
रैली में बीएसएफ , पुलिस, ओएनजीसी कर्मचारियों सहित मेडिकल स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया व पोस्टर के माध्यम से लोगों को अंधता के प्रति जागरुक किया। रैली में महापौर घनश्याम ओझा, सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा, रिटा. मेजर जनरल दलबीरसिंह भी शामिल हुए।
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