जोधपुर.
नदियों के बेसिन मैनेजमेंट प्लानिंग तथा स्वच्छ जल और वाटर वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में भारत व हंगरी एक दूसरे का सहयोग करेंगे। दोनों देश जल प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च स्तरीय तकनीक का आदान-प्रदान करेंगे। इसको लेकर दोनों देशों के बीच एमओयू हस्ताक्षर किया गया है। जोधपुर के सांसद एवं भारत सरकार के केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत की मौजूदगी में एमओयू पर विस्तार से चर्चा की गई।
शेखावत हंगरी के बुडापेस्ट में विश्वजल सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सम्मेलन के अनेक सत्रों में जल प्रबंधन एवं जल शोधन की तकनीक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। शेखावत ने हंगरी के राष्ट्रपति जेनोस एडर से भेंट की। दोनों ने एन्वायरमेंट एवं सस्टेनेबल डवलपमेंट के मुद्दे पर चर्चा की। जल
मोबाइल वाटर ट्रीटमेंट सुविधाएं देखी
शेखावत ने हंगरी ईआरडी में हिदरो फ्लीट में मोबाइल वाटर ट्रीटमेंट सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान वहां के अधिकारियों ने बताया कि किस प्रकार वेस्ट वाटर को शोधन प्रक्रिया के बाद स्वच्छ पेयजल के रूप में उपयोग किया जाता है।
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