जोधपुर।
जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने वाली टेक्सटाइल इकाइयों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती का असर नजर नहीं आ रहा है। जोधुपर में पाली-बालोतरा से आ रहे कपड़े की लंबे अर्से से अवैध धुलाई की जा रही है। कपड़ा धुलाई करने वाली अवैध इकाइयों के साथ जोधपुर प्रदूषण निवारण ट्रस्ट (जेपीएनटी) की कुछ सदस्य इकाइयां भी शामिल है।प्रतिदिन 25 लाख मीटर कपड़ा आ रहापाली-बालोतरा में टेक्सटाइल का काम बड़े स्तर पर है। यहां की टेक्सटाइल इकाइयों द्वारा निर्धारित क्षमता से ज्यादा पानी निस्तारित करने व अनुमति से ज्यादा कपड़े की धुलाई के कारण एनजीटी की ओर से पाबंदी व पेनल्टी लगाई गई। इसके बाद पाली-बालोतरा का कपड़ा धुलाई के जोधपुर आने लग गया। यहां औद्योगिक क्षेत्रों में कइयों ने अवैध धुलाई शुरू कर दी। अब हाल यह हो गए है कि पाली-बालोतरा से प्रतिदिन करीब 20 से 25 लाख मीटर कपड़ा जोधपुर आ रहा है।
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भाण्डू के बाद अब शेरगढ़-धवा बन रहे नए ठिकाने
एनजीटी के आदेश से जिले के भाण्डू गांव में चल रहे टेक्सटाइल धुलाई की अवैध इकाइयों को ध्वस्त करने के बाद अबअवैध धुलाई के लिए जिले के शेरगढ़ व धवा ठिकाने बन रहे है। सूत्रों के अनुसार, पाली-बालोतरा से जोधपुर के अलावा बड़ी मात्रा में शेरगढ़ व धवा में भी धुलाई के लिए जाता है।
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जेपीएनटी सदस्य इकाइयों में भी धुलाई
इनके अलावा जोधपुर में जुनावो की ढाणी, बासनी प्रथम व द्वितीय फेज, हैवी व लाइइ इंडस्ट्रियल एरिया, लूणी, सालावास, सांगरिया क्षेत्रों मे औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में जेपीएनटी से सदस्यता प्राप्त करीब 30 इकाइयों में भी कपड़े धुलाई का काम किया जा रहा है और स्वीकृत डिस्चार्ज से अधिक मात्रा में प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है। इससे निकलने वाले अनुपचारित पानी जोजरी नदी में जा रहा है, जो पूरी नदी को प्रदूषित कर रहा है।
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फैक्ट फाइल
जेपीएनटी से जुड़ी टैक्सटाइल इकाइयां - 306
जेपीएनटी से जुड़ी स्टेनलेस स्टील री रॉलिंग व अन्य इकाइयां - 93
टैक्सटाइल इकाइयों को पानी निस्तारण की स्वीकृति - 17-18 एमएलडी
स्टील व अन्य इकाइयों को पानी निस्तारण की स्वीकृति - 1-2 एमएलडी
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कई सदस्य इकाइयों में पाली-बालोतरा के कपड़े की जानकारी मिलती है। कुछ इकाइयों के कारण पूरा उद्योग संकट में है। दो दिन पूर्व जेपीएनटी की सदस्य इकाई पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कार्यवाही की गई। उसकी सदस्यता पर बोर्ड मीटिंग में निर्णय लिया जाएगा।
जसराज बोथरा, मैनेजिंग ट्रस्टी
जेपीएनटी
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शिकायत के आधार पर अवैध धुलाई करने वाली टेक्सटाइल इकाइयों पर कार्यवाही की जाती है। विभाग की ओर से भी सतत निरीक्षण किया जाता है। वाटर एक्ट के खिलफ निर्धारित मात्रा से ज्यादा पानी डिस्चार्ज करने वाली, वेस्ट का सही निस्तारण नहीं करने, बिना एनओसी व अनुमति वाली इकाई पर कार्यवाही करते है। हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं होने वाले मामले मुख्यालय भेजते है।
जगदीशसिंह, क्षेत्रीय अधिकारी
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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