जोधपुर में नहीं थम रहा मच्छरों का आतंक, एक ही दिन में सामने आए डेंगू के17 और टाइफाइड के 15 मामले

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अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू रोकथाम के प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। जोधपुर में शनिवार को एक साथ डेंगू के 17 रोगी सामने आए। जबकि ये आंकड़ा इस साल अब तक सवा दो सौ के पार पहुंच चुका है। इधर, ही जोधपुर में एक साथ 15 रोगियों के टाइफाइड होने की पुष्टि हुई हैं। इन आंकड़ों ने संपूर्ण प्रशासनिक कामकाज की पोल खोल दी है।

निजी अस्पताल से बाड़मेर रामसर का 25 वर्षीय युवक, बीएसएफ अस्पताल में नया बेरा बालसमंद का 51 वर्षीय पुरुष, बीएसएफ अस्पताल से 48 वर्षीय पुरुष, एमजीएच में भट्टी की बावड़ी निवासी 20 वर्षीय पुरुष, एमजीएच में मसूरिया मसूरिया बलदेव नगर निवासी 19 वर्षीय युवक, एमजीएच में राजव नगर रामदेव नगर निवासी 27 वर्षीय पुरुष, एमजीएच में पावटा सी रोड निवासी 28 वर्षीय पुरुष, एमजीएच में गुड़ला नागौर निवासी 19 वर्षीय युवक, निजी अस्पताल से बाड़मेर निवासी पुरुष, मधुबन बासनी निवासी 16 वर्षीय किशोरी, एमडीएम में नागौर निवासी 16 वर्षीय किशोर, बाड़मेर निवासी 35 वर्षीय महिला, निजी अस्पताल में सरदारपुरा निवासी 25 वर्षीय युवक, रतन मुनि नगर 28 वर्षीय युवक , एमडीएम में बलदेव नगर 13 वर्षीय किशोर, समदड़ी निवासी 17 वर्षीय किशोर, झालामंड निवासी 3 वर्षीय बच्चे का भी डेंगू पॉजिटिव आया हैं। एमडीएम अस्पताल में एक 17 वर्षीय किशोर को मलेरिया रोग होना सामने आया हैं। जबकि बीते शुक्रवार को एक साथ डेंगू के 32 मरीज सामने आए थे। ऐसे में गत दो दिनों में डेंगू के एक साथ 49 मरीज सामने आ चुके हैं।

15 जनों को हुआ टाइफाइड
इन दिनों साल्मोनेला बैक्टिरिया ने आंखें तरेर दी हैं। गंदे पानी से फैलने वाली इस बीमारी के एक दिन में 15 मरीज एक साथ सामने आए हैं। जानकारी अनुसार दो मरीज पाली व एक मरीज बाड़मेर का सामने आया है। शेष 12 मरीज जोधपुर से सामने आए हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। जिनका उपचार उम्मेद अस्पताल में चल रहा हैं। जोधपुर शहर से आने वाले रोगी शारदा हॉस्टल जेएनवीयू हैड ऑफिस के सामने, बालाजी मंदिर भगत की कोठी, शिकारगढ़, शास्त्रीनगर, निर्वाण भवन पन्ना निवास, एमडीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्टल, ठाकुर वीरेन्द्र नगर, मंडोर, उम्मेद चौक बाले का बास, टाटिया वास, कबीर नगर, आखलिया चौराहा, बाइजी का तालाब इलाकों से सामने आए हैं। इस साल अक्टूबर माह तक इस बीमारी के साढ़े आठ सौ रोगी सामने आ चुके हैं। इस बीमारी का कारण गंदा पानी घरेलू पानी की पाइप लाइनों के साथ मिक्स भी माना जाता हैं। इसके अलावा गंदे पानी, संक्रमित जूस या भोजन की वजह से साल्मोनेला बैक्टीरिया शरीर के अंदर प्रवेश करता है।



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