जोधपुर. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जोधपुर एम्स) में गत शुक्रवार को किया दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट सोमवार को सफल घोषित कर दिया गया। इस ट्रांसप्लांट में मसूरिया निवासी रोगी (38) को उसकी पत्नी ने किडनी डोनेट की थी। संजय गांधी पीजीआइ लखनऊ की टीम के सहयोग से किए गए ये ट्रांसप्लांट के सफल रहने पर ऑपरेशन में शामिल एम्स के डॉक्टर्स के भी चेहरे खिले नजर आए। एम्स चिकित्सकों ने तीन दिन तक सिरम क्रिएटनिन व इंफेक्शन सहित कई पहलूओं पर नजर रखीं। मरीज को ऑपरेशन के बाद से मरीज आइसीयू में है। उसके यूरिन आउटपुट, सिरम क्रिएटनिन, ब्लड प्रेशर, डाइट पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। रोगी को इंफेक्शन से बचाने के लिए कम से कम परिजनों से मिलने दिया जा रहा है।
इस ट्रांसप्लांट में संजय गांधी पीजीआई लखनऊ के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अनिश श्रीवास्तव, सहायक आचार्य उदयप्रतापसिंह, नेफ्रोलॉजी के सह आचार्य डॉ. धर्मेन्द्र भदौरिया, एनेस्थेसिया विभाग के अतिरिक्त आचार्य डॉ. संदीप साहू, जोधपुर एम्स से नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. नितिन वाजपेयी, यूरोलॉजिस्ट डॉ. गौतम चौधरी, डॉ. हिमांशु पांडे, डॉ. विजय, डॉ. महेन्द्र, एनेस्थेसिया में डॉ. प्रदीप कुमार भाटिया, डॉ. निखिल कोठारी, डॉ. मनोज कमल, डॉ. मृत्युजंय कुमार व डॉ. अंकुर शर्मा सहित टीम ने अपना सहयोग दिया था। इससे पहले एम्स मे 2 अगस्त को प्रथम गुर्दा प्रत्यारोपण ऑपरेशन किया गया। उस समय भी एम्स प्रशासन ने पहले किसी को जानकारी नहीं दी थी। पहला ऑपरेशन 39 वर्षीय महिला का किया गया था।
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