ऐसा कोई राज्य नहीं मिला जिसने विशेष पैकेज की मांग न की हो- एनके सिंह

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धुंधाड़ा/जोधपुर.

ऐसा कोई राज्य नहीं मिला जिसने विशेष पैकेज की मांग न की हो। लेकिन आयोग ( finance commission ) राज्य की समस्या, संसाधन और वहां की संभावनाओं को देखकर पैकेज तय करता है। आयोग ने चार राज्यों के दौरे की शुरूआत जोधपुर से की और बारिश ने दौरे के लिए शुभ संकेत दिया है। जोधपुर में सालावास व मंडोर पंचायत समितियों में तालाब में जल संरक्षण को देख दूसरे प्रदेशों को भी इसी प्रकार जल संरक्षण करना चाहिए। राजस्थान में जल संरक्षण की प्रमुख समस्या है, इसलिए आयोग यहां की समस्या, संसाधन और संभावनाओं को गंभीरता से लेकर काम करेगा। 15 वें वित्त आयोग ( 15th finance commission )के अध्यक्ष एनके सिंह ने शनिवार को राज्य में जोधपुर के दो दिवसीय दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान आयोग के दौरे बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में उत्तरप्रदेश, लद्दाख, सिक्किम व गोवा को छोड़ सभी राज्यों में आयोग के दौरे पूरे हो गए हैं। आयोग जयपुर में दो दिवसीय दौरे के बाद नए राज्य बने लद्दाख ओर उसके बाद सिक्किम और आखिर में गोवा में दौरा समाप्त हो जाएगा।
सिंह ने बताया कि जोधपुर में विकास और यहां के लोगों की क्षमता को देख उन्हें विकास की काफी संभावनाएं नजर आई। आयोग रविवार व सोमवार को जयपुर में जिला परिषद, ग्राम पंचायत, विभिन्न राजनीतिक दलों से मिलेगा। रविवार को मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों से बातचीत करेंगे। जहां राज्य की समस्याएं, संसाधन और संभावनाओं को आयोग गंभीरता से लेकर काम करेगा।

हर बार बजट में बढ़ोत्तरी

उन्होंने बताया कि अब तक जिस राज्य में भी वे गए, हर राज्य ने विशेष पैकेज की मंाग की। ऐसा कोई राज्य नहीं, जिसने विशेष पैकेज की मांग न की हो। आयोग राज्य में विकास, आर्थिक व्यवस्था, संसाधन, समस्याओं और संभावनाओं को देख कर काम करता है। इनमें विशेष परिस्थितियों वाले राज्यों के लिए विशेष पैकेज देते हैं। इसके साथ ही हर बार केंद्र से मिलने वाले बजट में भी बढ़ोत्तरी हुई। पहले 29 प्रतिशत, फिर 32 और अब 43 प्रतिशत तक बजट में बढ़ोत्तरी हुई। राजस्थान के लिए वे राज्य के वित्त आयोग, मुख्यमंत्री और विशेषज्ञों से मिलने के बाद इस पर निर्णय करेंगे।

जोधपुर के जल संरक्षण को दूसरे प्रदेश भी करें लागू

15 वे वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने 19 सदस्यों की टीम के साथ शनिवार को जोधपुर के सालावास ग्राम पंचायत के मॉडल तालाब, रेन वॉटर हारर्वेस्टिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जोधपुर में जल संरक्षण के लिए प्राचीनकाल से छोटे तालाब से जल संरक्षण की परम्परा है। दूसरे प्रदेशों को भी जोधपुर के जल संरक्षण के मॉडल को देख जल संग्रहण करना चाहिए। गांव में ग्रामीणों के खादी और माटी से बनाए उत्पादों को देख उन्होंने कहा कि जोधपुर में लोगों में बहुत क्षमता है, इससे जोधपुर में विकास की कई संभावनाएं हैं।

अपने संसाधनों पर निर्भर बनें

सालावास गांव के निरीक्षण के बाद आयोग के सदस्यों ने ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में कई प्रोजेक्ट और बजट की मांग की। इस पर आयोग के सदस्यों ने बताया कि हम जहां भी जाते बजट की मांग की जाती है। लेकिन हर गांव, शहर व राज्य को अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। इसके साथ ही आय को बढ़ाए। समारोह में जिला परिषद सइओ अंशदीप, विकास अधिकारी मोहनलाल चौधरी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहनदान देथा, सहायक अभियंता निर्मल गहलोत, अजय थानवी, ग्राम विकास अधिकारी महेंद्र सिंह, संपत राज गहलोत, पूर्व सरपंच ओमा राम पटेल, पंचायत समिति सदस्य सुशीला भाटी, सरपंच रेखा , उपसरपंच हजारी सिंह गहलोत, सहित गांव के कई लोग उपस्थित थे।



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