अविनाश केविलया/जोधपुर. राज्य सरकार ने पहले जब निर्णय किया कि इस बार के निकाय चुनाव में निकाय प्रमुख के लिए सीधा निर्वाचन होगा, तभी शहर के कई बड़े दिग्गज अपना मोहल्ला छोड़ कर सीधे चुनाव का मन बना चुके थे। अभी कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार ने कमेटी गठित की जो निर्णय लेगी कि निकाय प्रमुख के चुनाव सीधें हो या पार्षद चुनें। इस उठापटक के बीच दिग्गजों की कशमकश एक बार फिर शुरू हो गई है। अपने मोहल्लों व पिछले वार्ड क्षेत्रों से दूरी रखने का मन बना चुके नेताजी एक बार उसी क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। दोनों ही पार्टियों को ऐसे दिग्गज नेताओं ने फिर संकेत दिए हैं कि वे अपने वार्ड की दावेदारी नहीं छोड़ रहे।
8 ऐसे दिग्गज जिनको वार्ड बदलना पड़ेगा
यदि पार्षदों के जरिए ही निकाय प्रमुख का चुनाव होता है तो उन दिग्गजों को पार्षदों का चुनाव लडऩा पड़ेगा जो महापौर बनने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। लेकिन हाल ही में वार्ड आरक्षण लॉटरी में कांग्रेस और भाजपा के ऐसे 8 नेता हैं जिनको अपने निवास से अलग वार्ड से किस्मत आजमानी होगी। इनमें भाजपा के 5 और कांग्रेस के 3 दिग्गज नेता फिर पार्षद में दाव खेलते हैं तो जगह बदलनी पड़ेगी।
पांच साल पहले की तस्वीर याद आई
पिछले निकाय चुनाव में भी कई दिग्गज पार्षद बनने के लिए मैदान में उतरे थे। कुछ का सिक्का चल गया तो कोई भितरघात का शिकार हुए। पार्षद बनने के बाद भी भाजपा में महापौर पद के लिए कई दिग्गज जीत कर आए थे। ऐसे में संघर्ष अंतिम समय तक रहा।
पिछली बार दिग्गजों का यह रहा गणित
- 3 बड़े नाम जो कांगे्रस टिकट पर हारे
- 1 बड़ा नाम जो भाजपा के टिकट पर हारे।
- 3 बड़े नेता जो कांग्रेस टिकट पर जीते।
- 6 बड़े नाम हैं जो भाजपा के टिकट पर जीते।
नेताओं का यू-टर्न
कांग्रेस व भाजपा के कई बड़े नेता दावा कर रहे थे अब उनको पार्षद चुनाव से कोई लेना-देना नहीं। खास बात यह है कि उन दिग्गज नेताओं के वार्ड से उनके ही खास लोगों ने दावेदारी भी सोशल मीडिया पर जता दी। लेकिन अब राज्य सरकार के निकाय प्रमुख चुनाव प्रक्रिया पर मंथन होने से दिग्गजों ने भी यूटर्न ले लिया है। दिग्गजों के वार्ड से दावेदारी करने वाले अन्य लोगों को अभी फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखा गया है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2mCLALN
0 comments:
Post a Comment