बेवजह टीसी नहीं रोक सकता स्कूल: हाईकोर्ट

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जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने पाली के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO Pali) को यह सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया है कि विद्यालय बेवजह विद्यार्थियों का स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) नहीं रोके।
पाली के रैनबो सीनियर सैकंडरी पब्लिक स्कूल की छात्रा दिव्यांशी राठौड़, आदित्य राठौड़ और कशिश राठौड़ की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया कि उन्होंने अपनी-अपनी कक्षाएं उत्तीर्ण कर ली और वह वर्तमान सत्र में इस विद्यालय में आगे अध्ययन नहीं करना चाहते। अन्यत्र अध्यापन के लिए उन्होंने स्कूल से स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने की मांग की तो स्कूल ने टीसी जारी नहीं की। नोटिस देने के बाद अंतत: उन्होंने शिक्षा विभाग और स्कूल के खिलाफ याचिका दायर की। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि टीसी प्राप्त करना विद्यार्थी का अधिकार है। सुनवाई के बाद न्यायाधीश दिनेश मेहता ने जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) पाली को पाबंद किया कि वह यह सुनिश्चित करे कि स्कूल प्रशासन बेवजह विद्यार्थियों का स्थानांतरण प्रमाण पत्र नहीं रोके।

पंचायत परिसीमन को चुनौती याचिका पर फैसला सुरक्षित

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायतों व पंचायत समितियों के परिसीमन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को याचिकाकर्ता और राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में दुलेसिंह व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विकास बालिया और सज्जनसिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने 2 जून, 2014 को एक अधिसूचना जारी कर वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के परिसीमन प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। साथ है सम्बंधित जिला कलक्टरों को आपत्तियां मांगने और तय समय में आपत्तियों का निस्तारण कर अंतिम प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने को कहा गया था।

उन्होंने बताया कि अंतिम प्रस्तावों के आधार पर राज्य सरकार ने 5 नवंबर, 2014 को परिसीमन अधिसूचित करते हुए छह माह में चुनाव करवाने के निर्देश दिए। बालिया ने कहा कि अब यह परिसीमन वर्ष 2021 की जनगणना के आधार पर किया जाना है। इस बीच सरकार ने दुबारा वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने के लिए हाल ही 12 जून को अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने इसे विधि विरुद्ध बताया। जबकि सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सुनील बेनीवाल ने परिसीमन को वैधानिक दायरे में बताते हुए कहा कि सरकार ऐसी कार्यवाही अंजाम दे सकती है।



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