केशव ने रियाज में पिता से खूब खाई डांट, आज हैं जोधपुर के नामी वायलनिस्ट

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जोधपुर. दिमाग में ब्लड क्लॉटिंग से पीडि़त वृद्ध महिला डिप्रेशन का शिकार होकर जीवन से उम्मीद हारने लगी थी। इस बीच किसी की सलाह से उसने वायलिन का संगीत सुना। इसके कुछ दिनों बाद न केवल वह अवसाद से बाहर निकली बल्कि उसका जटिल ऑपरेशन भी कामयाब रहा। सुनने पर यह कोई फिल्मी कहानी लगती है लेकिन इसे सच बनाया है सनसिटी के होनहार वायलनिस्ट केशव पंवार ने। केशव ने बताया कि संगीत दिल को सुकून देने के साथ इंसान का दर्द कम करने में सहायक होता है।

केशव ने बचपन से ही घर में संगीत का माहौल देखा इसलिए इस क्षेत्र में ही आगे बढऩे का मानस बनाया। 10 साल की आयु से वायलिन सीखना शुरू किया और आज वह शहर के एक नामी युवा वायलनिस्ट हैं। केशव के दादा पंडित दयाल पंवार ऑल इंडिया रेडियो में म्यूजिक डायरेक्टर थे। उनके पिता राजा पंवार वायलनिस्ट हैं। परफेशन के लिए वह करीब 10 घंटे रियाज करते हैं।

कर चुके हैं कई शोज
केशव ने बताया कि संगीत में शिक्षा के साथ ही दिल्ली स्कूल ऑफ म्यूजिक के साइमन रॉड्रिक्स से वायलिन की अन्य विधाएं सीखीं हैं। साथ ही प्रभात किशोर से भी बारीकियां जानी। वह मोहम्मद रफी नाइट्स दिल्ली में परफॉर्म कर चुके हैं। यहां बॉलीवुड के वरिष्ठ संगीतकार कल्याणजी आनंदजी ने केशव की हौसला अफजाई की। संगीतकार कुनाल पंडित व सरिता जोशी के साथ संगत की है। अपनी प्रतिभा के चलते केशव सूर्यनगरी सहित अन्य जिलों में, दिल्ली व मुंबई आदि शहरों में कई शोज कर चुके हैं।

एल्बम्स व शॉर्ट मूवीज में संगीत

बॉलीवुड संगीतकार सलीम सुलेमान की ओर से उनके 10 पसंदीदा म्यूजिक पीस में केशव को चयनित किया गया है। जिसमें केशव ने एआर रहमान के बॉम्बे मूवी की थीम को प्रस्तुत किया है। यह जल्द ही रिलीज किया जाएगा। उनके पसंदीदा वायलन प्लेयर्स दीपक पंडित, बाला भास्करा व धमेंद्र जवड़ा हैं। वह एल्बम्स, शॉर्ट मूवीज व थिएटर में संगीत सहित बैकग्राउंड स्कोर भी तैयार कर चुके हैं।


संगीत के क्षेत्र में गुरु जरूरी

युवा संगीतकारों में हिट होने की जल्दी के चलते केशव का कहना है कि कला के क्षेत्र में खासकर संगीत में गुरु का होना आवश्यक है। इससे संगीत की पकड़ मजबूत होती है। गुरु बनाने पर ही संगीत अपना बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आज भी वादन के दौरान गलती होने पर पिता से डांट पड़ती है। साथ ही माता गौतमी पंवार भी रियाज के दौरान गलती होने पर टोक देती हैं। उनका कहना है कि वायलन सुकून प्रदान करने वाला वाद्य यंत्र है। इससे व्यक्तित्व भी अलग नजर आता है।



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