जोधपुर.
जिले के कालीजाल और निम्बाली गांव में ओरण, गोचर, सार्वजनिक मार्ग और नाडी की जमीन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने जोधपुर जिला कलक्टर (Jopdhur District Collector) को राजस्व अधिकारियों के जरिये अतिक्रमणों का सटीक निरीक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एस.रविंद्र भट्ट और न्यायाधीश अशोककुमार गौड़ की खंडपीठ ने गणपतसिंह और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए जिला कलक्टर को उपखंड अधिकारी की कमान में चार सदस्यीय दल गठित करने को कहा है, जिसे चार सप्ताह में निरीक्षण करने और छह सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
खण्डपीठ ने कहा कि निरीक्षण दल में जोधपुर के बाहर के अधिकारियो को प्राथमिकता दी जाए, जो मौके पर वास्तविक अतिक्रमण की संख्या का पता लगाए और साथ ही यह भी देखे कि कितने मामलों में पट्टे जारी किए जा चुके हैं और कितने मामले राजस्व अदालतों में लंबित हैं।
निरीक्षण दल में उपखंड अधिकारी के अलावा राजस्व तहसीलदार, जेडीए तहसीलदार तथा एक अन्य राजस्व अधिकारी को नामित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट ने कमिश्नर नियुक्त किए गए अनिरुद्ध पुरोहित की रिपोर्ट तथा अतिक्रमणों को गुगल मैप पर खसरा इम्पोज कर मौके की तस्वीर बताने के प्रयास की सराहना की। अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी।
सुनवाई के दौरान जेडीए (jda) के अधिवक्ता डीएस राजवी ने बताया कि मौके पर 120 अतिक्रमण पाए गए थे। इनमें कुछ पक्के निर्माण भी थे। इनमें से 73 अतिक्रमण वर्ष 2017 में हटाए जा चुके हैं।
जेडीए एक्ट की धारा 67 के तहत सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे। 24 ने प्रत्युत्तर में कहा कि उनके पास ग्राम पंचायत द्वारा जारी पट्टे हैं। इनमें से चार लोगों ने सिविल दावा दायर किया है, जबकि 23 अन्य दावे अधीनस्थ न्यायालयों में विचाराधीन हैं। विचाराधीन दावों में 16 प्रकरणों में निषेधाज्ञा जारी की गई है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विनय जैन ने शपथ पत्र दाखिल करते हुए कोर्ट को बताया कि 141 नए अतिक्रमण हो गए हैं, जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकांश कब्जे पक्की प्रकृति के हैं।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2ZVBByy
0 comments:
Post a Comment