जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव गहलोत के नाम से बासनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित कार शोरूम में फोन करने और 5.75 लाख रुपए का बोगस चेक देकर कार उठाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
न्यायाधीश विजय विश्नोई की एकलपीठ में राजकीय अधिवक्ता शिवकुमार भाटी ने पाली के रजतनगर निवासी सुरेशकुमार पुत्र भंवरलाल घांची की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं और अब तक कार बरामद नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
गौरतलब है कि ठगी के आरोपी ने गत 24 अगस्त को कार शोरूम में फोन कर कहा कि वह मुख्यमंत्री का पुत्र वैभव गहलोत बोल रहा है। उसका एक आदमी आ रहा है और उसे बढिय़ा कार दे देना। कुछ देर बाद ठग ने शोरूम में फिर फोन कर बॉस के नम्बर मांगे। मैनेजर ने चीफ जनरल मैनेजर के मोबाइल नंबर दे दिए। उसी दिन वह शोरूम पहुंचा और मैनेजर से कहा कि उसे मुख्यमंत्री के पुत्र ने भेजा है। शोरूम प्रबंधन ने उसकी आवभगत की और कारें दिखाई। उसने एक कार पसंद की और 5.75 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। बदले में उसने 30 अगस्त का चेक दिया। बगैर गेट पास व रसीद कटाए वह कार लेकर निकल गया। फिर उसने शोरूम में फोन कर चेक 31 अगस्त को बैंक लगाने का आग्रह किया। शोरूम की तरफ से 31 अगस्त को चेक बैंक में लगाया गया तो खाते से राशि न होने से अनादरित हो गया। तब उन्हें ठगी का पता लगा। इस मामले में शोरूम मैनेजर राजेन्द्र चतुर्वेदी ने 5.75 रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था।
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