जोधपुर में राफेल के हैंगर तैयार, 36 और लड़ाकू विमान का फ्रांस से सौदा होने की उम्मीद

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गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. भारतीय वायुसेना का जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन लड़ाकू विमान राफेल के लिए तैयार है। एयरबेस पर राफेल की संभावित स्क्वाड्रन के लिए नए हैंगर बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गत सप्ताह फ्र ांस यात्रा के दौरान फ्र ांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मध्य अतिरिक्त 36 राफेल खरीदने को लेकर बात हुई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी अपने फ्र ांसीसी समकक्ष से इस पर चर्चा की थी। राफेल की तीसरी स्क्वाड्रन जोधपुर में मिग-27 विमानों के रिटायरमेंट से रिक्त हो रही स्क्वाड्रन का स्थान लेगी।

भारत और फ्र ांस के बीच दो साल पहले राफेल विमानों की दो स्क्वाड्रन (36 विमान) को लेकर 7.8 बिलियन यूरो में समझौता हुआ था। राफेल की पहली स्क्वाड्रन हरियाणा के अंबाला और दूसरी पश्चिम बंगाल के हाशीमारा एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात की जाएगी। फ्र ांस की डेसॉल्ट एविएशन कंपनी पहला राफेल विमान इसी महीने भारत को सौंपेगी। कंपनी ने राफेल को भारतीय परिस्थितियों के मुताबिक कस्टमाइज किया है। ऐसे में अब नई राफेल डील थोड़ी सस्ती होने की उम्मीद है। भारत में अभी लड़ाकू विमानों की 30 स्क्वाड्रन रह गई हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 25 है। वायुसेना वैसे भी 114 विमानों की जरुरत बता चुकी है।

सुखोई के साथ जोड़ी होगी राफेल की
जोधपुर में इस साल की शुरुआत में 3 स्क्वाड्रन थी। मार्च में मिग-27 अपग्रेडेड विमानों की एक स्क्वाड्रन रिटायर हो गई और इसी विमानों की दूसरी स्क्वाड्रन दिसंबर में रिटायर हो रही है। ऐसे में अब जोधपुर में केवल सुखोई-30 एमकेआइ विमानों की एकमात्र स्क्वाड्रन रह जाएगी। जोधपुर पाकिस्तानी सीमा पर सबसे महत्वपूर्ण फॉरवर्ड एयरबेस है। ऐसे में राफेल की नई स्क्वाड्रन जोधपुर में तैनात होने की पूरी संभावना है जो पूरे पश्चिम क्षेत्र को कवर करेगी। नए राफेल विमानों के लिए एयरफोर्स ने जोधपुर स्टेशन पर नए हैंगर और अन्य सुविधाएं विकसित कर ली हैं। वायुसेना के पायलट और ग्राउंड स्टाफ भी फ्र ांस में प्रशिक्षण लेकर आ चुके हैं।

यह है राफेल की विशेषताएं
दो इंजन वाला मल्टीरोल लड़ाकू विमान राफेल हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मार कर सकता है। इसमें मेटॉरर मिसाइल, स्कैल्प ग्राउंड अटैक मिसाइल, एईएसए राडार, स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वार फेयर सिस्टम और आइआरएसटी सिस्टम लगा है। यह परमाणु मिसाइल ले जाने में भी सक्षम है। भारत में विकसित ब्रह्मोस- एनजी (नेक्स्ट जनरेशन) मिसाइल भी इस विमान में लगाई जाएगी।



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