जोधपुर. शहर परकोटे के भीतर व बाहर करीब 155 साल पहले विक्रम संवत 1921 में कुल 241 गणपति मंदिर थे। इनमें से अधिकांश मंदिरों में आज भी पूजन जारी है। दरअसल, तत्कालीन जोधपुर महाराजा ने विक्रम संवत् 1921 में जोधपुर के समस्त मंदिरों व देवमूर्तियों पर दीपदान का आदेश दिया था। इसके तहत जोधपुर में करीब 1400 मंदिरों और देव विग्रहों की सूची तैयार की गई और दीपावली पर दीपदान किया गया था।
इनमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों के 241 गणपति मंदिर शामिल थे। बही संख्या 3120 में ‘महाराज हणवंत सिंह री सरकार तालके री बही में दी गई मंदिरों की सूची के अनुसार परकोटे के भीतरी शहर के विभिन्न गली मोहल्लों में गणपति के 47 मंदिर, ब्रह्मपुरी में 26, लोढ़ों की गली में 14, सिंहपोल में 24, पुंगलपाड़ा में 85 और चांदपोल के बाहर कुल 241 गणपति की मूर्तियां चिह्नित की गई थी।
इनमें मेहरानगढ़ के अंदर और बाहर की गणपति की मूर्तियां शामिल नहीं थी। मेहरानगढ़ के जयपोल के बाहर, लाखन पोलदरवाजे के पीछे, इमरती पोल के पास, जोधाजी फलसे के पास, लोहापोल के सामने, वागा कोठार, कळी कोठार, भैरुपोल के सामने बुर्ज के नीचे, फतेहपोल के पास, इमरती भाव कमठां डेरा में, ध्रुव पोल के सामने, जनाना महल परकोटा, रसोड़ा में और खजाना भंडार सहित कुल 16 जगह गणपति की मूर्तियां स्थापित हैं।
फि ल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तां की शूटिंग के लिए महानायक अमिताभ बच्चन 5 मार्च, 2018 को जोधपुर आए थे तब उन्होंने मेहरानगढ़ जयपोल के बाहर गणेश की मूर्ति के दर्शन किए थे। अपने ब्लॉग में दस मार्च को मेहरानगढ के जयपोल के बाहर गणपति की कृपा और 14 मार्च को खुद के स्वस्थ होने पर स्वस्थ हुए नवल..., 20 मार्च को धन्यवाद जोधपुर... और जोधपुर शहर की संस्कृति को समृद्ध बताया था।
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