फिजिकल कॉलेज के 12 छात्रों की गायब कॉपियां तक अब तक अता-पता नहीं न्यायालय की शरण में छात्र!

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जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से संबंद्ध फिजिकल कॉलेज में संचालित दो वर्षीय बैचलर ऑफ फि जिकल एजुकेशन (बीपीएड) पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर के 12 छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का अब तक पता नहीं लगा है। इससे न केवल छात्रों के भविष्य के बल्कि जेएनवीयू के गोपनीय विभाग पर भी सवाल खड़े हो रहे है। पीडि़त छात्रों ने अब न्यायालय की शरण ली है।

छात्रों ने न्यायालय में यह तर्क दिया

- परीक्षा में उपस्थित होते हुए भी अनुपस्थित बताया।
- जब औसत अंक देने थे तो 16 अगस्त को ही दे देते, ताकि उनको 21 अगस्त को होने वाली काउंसलिंग में प्रवेश मिल जाता।
- 21 अगस्त को शाम को रिजल्ट घोषित करने पर कुछ छात्रों को मांगे गए केन्द्रों पर प्रवेश नहीं मिला, जबकि इनसे कम अंकों वाले विद्यार्थियों को उनकी पसंद के अनुसार केन्द्र आवंटित हुए।

यह है मामला
बीपीएड के तीसरे पेपर स्पोट्र्स मैनेजमेंट की 19 जुलाई को हुई परीक्षा में 94 परीक्षार्थी बैठे थे। 16 अगस्त को जारी परिणाम में 94 में से 82 छात्रों का परिणाम घोषित कर 12 छात्रों को अनुपस्थित बताकर अंकतालिका में अयोग्य घोषित कर दिया। मुख्य परीक्षक ने जेएनवीयू के गोपनीय विभाग को 82 उत्तर पुस्तिकाएं मिलने के बारे में जानकारी भी दी थी। राजस्थान पत्रिका में 21 अगस्त को खबर प्रकाशन के बाद उसी दिन शाम को करीब 4 बजे रिजल्ट घोषित कर बैक डेट यानी परीक्षा परिणाम की तिथि 16 अगस्त की अंकतालिकाएं जारी कर वेबसाइट पर अपलोड कर दी। जिसमें इन छात्रों को औसत अंक देकर पास कर दिया।

प्रायोगिक परीक्षा में भी गड़बड़ी
फिजिकल कॉलेज में बीपीएड छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा में भी लंबे समय से गड़बडिय़ां चल रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रायोगिक परीक्षा लेने की योग्यता नहीं रखने वाले या अपात्र परीक्षक परीक्षक परीक्षा लेने आ रहे हैं। इनमें प्राइवेट केन्द्रों के अस्थाई शिक्षक, न्यून योग्यता वाले शिक्षकों द्वारा उच्च योग्यता वाली कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षा के परीक्षक के रूप में आना शामिल है। प्रायोगिक परीक्षा के लिए न्यूनतम 3 व अधिकतम 5 वर्ष का अध्यापन अनुभव जरूरी है। जबकि इन नियमों को लंबे समय से नजर अंदाज किया जा रहा है।

इनका कहना है
जेएनवीयू से मेरी उत्तर पुस्तिका गायब हो गई। आज तक पता नहीं चला है और औसत अंक देकर पास किया गया। ऐसे में काउंसलिंग में आवेदन की हुई कॉलेज नहीं मिली। जबकि मेरे से कम अंक वालों को वह कॉलेज मिली है। अब कोर्ट में रिट दायर की है।
अनुज ग्वाला, पीडि़त छात्र

मैं अभी जयपुर में पेशी पर आया हुआ हूं। जोधपुर आकर इस मामले का पता करता हूं।
अयूब खान, रजिस्ट्रार, जेएनवीयू



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