जोधपुर।
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) जोधपुर की कुलपति प्रो. पूनम सक्सेना ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व कुलाधिपति एस रविंद्र भट्ट को ई-मेल किया है। हालांकि अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है।
इसलिए बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक़ एनएलयू के छात्र-छात्राएं पिछले 3 दिन से अपनी 30 सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, एनएलयू प्रशासन पर विरोध को लगातार दबाने का आरोप लग रहा है।छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाते हैं। एनएलयू ने ऐसा नियम बना रखा है कि नौवें सेमेस्टर का टॉपर छात्र अध्यक्ष और सातवें सेमेस्टर की टॉपर छात्रा उपाध्यक्ष बनते हैं। छात्र चुनाव कराने के साथ विश्वविद्यालय में बेहतर फैकल्टी की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि उनसे मोटी फीस वसूलने के बावजूद पढ़ाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। विश्वविद्यालय परिसर में हॉस्पिटल के हाल भी खराब हैं। यहां एंबुलेंस नहीं है और डॉक्टर भी समय पर नहीं मिलते। विश्वविद्यालय के छात्रावास में भी आधारभूत सुविधाओं की कमी खल रही है।
छात्रों ने सोमवार को भी लाइब्रेरी के पीछे 4 घंटे तक प्रदर्शन किया था। एनएलयू में बुधवार से परीक्षाएं शुरू हो रही है, जो 6 दिन तक चलेगी। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 6 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर 6 दिन में व्यवस्था नहीं सुधरती तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
2013 से कुलपति हैं प्रो. सक्सेना
प्रो. पूनम सक्सेना दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हैं। उन्होंने 15 जुलाई 2013 को 5 वर्ष के कार्यकाल के लिए पदभार संभाला था। पिछले साल कुलाधिपति ने उनके एक और कार्यकाल को मंजूरी दी थी।
इस्तीफा स्वीकार नहीं किया
कुलपति ने इस्तीफा जरूर दिया है लेकिन उसे अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है।
सोहनलाल शर्मा, रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर
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