कैचमेंट में काट दी कॉलोनियां, बन गए मकान, अब पानी ने घेरा तो खुली पोल

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर.

सुरपुरा बांध का कैचमेंट क्षेत्र जहां भूमाफियाओं ने खातेदारी जमीन पर कॉलोनियां काट दी। सरकार की जमीन थी नहीं इसलिए इसे रोका भी नहीं गया। कुछ साल पहले कई लोगों ने यहां मकान भी बना लिए। इस बार करीब १२ फीट पानी आया तो बिना इजाजत बने इन मकानों की हकीकत सामने आ गई। भूमाफियाओं की कारस्तानी पानी से घिर गई। इन्हीं अतिक्रमणों का असर है कि जितना पानी बांध में आना चाहिए था वह नहीं आया।

शहर से सटा सुरपुरा बांध जो कई वर्षों तक खाली ही रहा। इस बार कुछ हद तक पानी की आवक हुई है। करीब १२ फीट पानी स्केल पर दर्ज किया गया है। कैचमेंट क्षेत्र में हुए पक्के निर्माण इस पानी से घिर गए तो हालात सामने आए। पत्रिका ने पड़ताल की तो हकीकत पता चली कि बांध के कैचमेंट में सरकारी जमीन पर पीएचइडी की डिग्गी बनी हुई है। इसके अलावा जो जमीन है वह निजी खातेदारी की है। इसी जमीन पर अधिकांश लोगों ने निर्माण कर लिए हैं।

जमीन पर निर्माण अवैध
कैचमेंट क्षेत्र में भले ही जमीन निजी खातेदारी है लेकिन वहां किसी प्रकार का निर्माण नहीं हो सकता। इसके लिए न तो नगर निगम स्वीकृति देता है और ना ही जेडीए। हाईकोर्ट ने इसके लिए निर्देश जारी कर रखे हैं। लेकिन इसके बाद भी निर्माण नहीं रुक रहे। कैचमेंट में हुए निर्माण को बिजली कनेक्शन भी नहीं दिए जा सकते।

कई नोटिस और अवैध निर्माण चिह्नित
कैचमेंट में हुए निर्माण को जेडीए की ओर से कई बार नोटिस जारी हुए। जल संसाधन विभाग ने अन्य विभागों के साथ मिलकर सर्वे किया था। अवैध निर्माण हटाने के लिए कागजी कार्रवाई तो हुई लेकिन धरातल पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।

फीडर नहर में भी अतिक्रमण

इस बांध की फीडर नहर में भी कई अतिक्रमण व नहर को क्षतिग्रस्त किया गया। सुरपुरा बांध संघर्ष समिति की आेर से हाल ही में इसका मामला उठाया गया। सचिव राकेश गहलोत ने बताया कि भूमाफियाओं के कारण बांध की दुर्दशा हो रही है। लेकिन न तो प्रशासन जागा है और ना ही विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है। लाछा बासनी, भवाद और माणकलाव गांव के अफीम मुक्ति केन्द्र के समीप बांध की फीडर नहर को क्षतिग्रस्त किया गया। स्थानीय लोगों ने इस बांध की दुर्दशा की जांच करने की मांग की है।

---
बांध के कैचमेंट में कई निजी खातेदारी भूमि है। वहां निर्माण करना वर्जित है। लेकिन यह सच है कि कई लोगों ने निर्माण कर लिया है। पूर्व में सर्वे किया था और अतिक्रमण चिह्नित किए थे।

- जोगेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग जोधपुर।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/33TYqGj
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment