बिलाड़ा (जोधपुर). क्षेत्र में दो दिनों तक लगातार हुई समूचे क्षेत्र में झमाझम बारिश ने जहां तालाब, खेत लबालब हो गए वहीं एनीकट पर भी चादर चली है। जिले के सबसे बड़े बांध जसवंतसागर में भी अब तक 12 फीट पानी आया है तथा अन्य जलस्रोतों से पानी की आवक बरकरार है। चोपड़ा फीडर नहर बीते 24 घंटे से बह रही है । इन 2 दिनों की बारिश को यहां तहसील कार्यालय में 201 एमएम मापी जा चुकी है ।
क्षेत्र के खवासपुरा, घोडावट एनीकट लबालब भर जाने के बाद उस पर चादर चली है। जालीवाड़ा बांध में सवा मीटर पानी आया है। जसवंत सागर बांध में शनिवार शाम तक 12 फीट पानी पहुंचा है तथा खारा नाला एवं रणसी पहाड़ी के पानी की आवक जारी बताई गई है । उधर, रायपुर नदी के लगातार बहने से बांध पर 4.30 फीट की चादर चलने की जानकारी है। यहां चोपड़ा फीडर में चार फिट बह रही है।
बांध पर डेरा अधिकारियों का
वर्षों बाद जसवंत सागर बांध में पानी की आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता नेमाराम गोदारा कनिष्ठ अभियंता मोहित शर्मा एवं सभी कर्मचारी यहां पिचियाक स्थित डाक बंगले में डेरा डाले बैठे हैं। शुक्रवार की देर रात अजमेर नागपहाड़ , गिरी, आलनियावास, बिराटिया आदि क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश का पानी जैतारण, निंबोल, होते हुए झाक नदी तक पहुंचकर ठहर गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो बारिश का दौर जारी रहा तो बरसों बाद लूनी नदी में पानी बहेगा। उधर मीठड़ी नदी में शुक्रवार देर रात तक पानी बहने के समाचार है।
फैक्ट फाइल
तब -तब भरा बांध
1979 में बाढ़ आने पर चली चादर
1983 में चली चादर
1995 चादर चली
1997 में 18 फीट पानी आया
1999 में 21 फीट पानी आया
2000 में ढाई फीट चादर चली
2007 में चादर चली और बांध की पाल टूटी
2008 में 14 फीट पानी आया
2010 में 20 फीट पानी आया।
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