जोधपुर(jodhpur).
पोक्सो एक्ट के तहत बनी स्पेशल कोर्ट (Special court made under POCSO Act) ने नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस की ओर से पेश एफआर नामंजूर करते हुए अभियुक्त को कोर्ट में तलब किया है।
मामले के अनुसार महामंदिर पुलिस थाने (mahamandir police station) में 24 फरवरी, 2018 को एक व्यक्ति ने एफआइआर दर्ज कराई कि घर के बाहर खेल रही उसकी नाबालिग बच्ची के साथ मोहल्ले में रहने वाले एक शख्स ने अश्लील हरकत की।
पुलिस ने अनुसंधान में लापरवाही बरतते हुए और गवाहों के विरोधाभासी बयान के आधार पर कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) पेश कर दी।
परिवादी के अधिवक्ता ने एफआर का विरोध करते हुए विभिन्न तथ्य न्यायालय में पेश कर बताया कि अनुसंधान अधिकारी ने चिकित्सीय साक्ष्य की अनदेखी कर मनमर्जी और काल्पनिक आधार पर अपराध घटित होना नहीं माना और अभियुक्त से सांठगांठ कर एफआर पेश कर दी।
अधिवक्ता ने कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट, परिवादी व अन्य गवाहों के बयान तथा पीडि़ता के धारा 161 तथा 164 सीआरपीसी के बयान के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत प्रसंज्ञान लिए जाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
विशेष अदालत के न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने पुलिस की एफआर नामंजूर करते हुए पुलिस को अभियुक्त बृजेशकुमार पुत्र गणपतलाल को पचास हजार रुपए के जमानती वारंट से 18 सितंबर को न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2NJVzd6
0 comments:
Post a Comment