अपने अंदर छिपे कौशल की पहचान कर आगे बढ़ें- पंवार

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

प्रशिक्षण को सम्बोधित करते हुए प्रधानाचार्य कांता पंवार ने कहा कि हर लड़की में विशेष कौशल होता है। बस जरूरत है समय पर उस कौशल को पहचानने की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से किशोरियों को प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित विशेष जानकारियां बहुत ही सहज तरीके से मिली है। प्रशिक्षिका कंचन थानवी ने कहा कि जीवन जीने के लिए हमें विभिन्न प्रकार के तौर-तरीकों की आवश्यकता होती है। इन तौर-तरीकों का बार-बार अभ्यास करने से ये कौशल के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं। हमें अपने जीवन को बेहतर तरीके से जीने के लिए शिक्षा के साथ-साथ जीवन कौशल शिक्षा की समझ भी जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में आगे बढऩे के लिए अपने अन्दर कौशलों का विकास करते रहना चाहिए।

परियोजना समन्वयक प्रीति राठौड़ ने कहा कि हमें अपने प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में बेझिझक होकर जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। तभी हम अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रख पाएंगे। समाज में प्रचलित भ्रांतियों से हमें बचना होगा। प्रशिक्षण में किशोरियों को शारीरिक बदलाव के दौरान होने वाली समस्याओं पर चर्चा कर समाधान के उपाय भी बताए गए। प्रशिक्षिका शैलजा व्यास ने प्रशिक्षण में किशोरियों को भित्ति पत्रिका, प्रतिवेदन व रिपोर्ट लेखन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान प्रियंका, विमला, संगीता, कुन्दली, सुमन,रुखमा, रेखा एवं रमकू ने भित्ति पत्रिका व प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण किया। दूसरा दशक के परियोजना निदेशक मुरारीलाल थानवी ने कहा कि सबसे पहले आप अपने आपको पहचानने की कोशिश करें तथा अंदर छिपे अपने हुनर की पहचान करें। आपकी सोच ऐसी होनी चाहिए कि आप कुछ भी कर सकती हैं। प्रशिक्षण में अध्यापिका सुमित्रा, मनीषा, सह वार्डन राजेश्वरी विश्नोई एवं महेश गुचिया ने सहयोग प्रदान किया। (कासं)

--------------



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2HsLcGO
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment