वीडियो : विकास चौधरी/जोधपुर.जिले के देचू थानान्तर्गत फतेहगढ़ गांव के पास तेलियों की ढाणी की झाडिय़ों में रविवार देर रात एक नवजात बालिका रोते व बिलखते मिली। रोने की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीणों ने झाडिय़ों से निकालकर उसे संभाला और पुलिस की मदद से उम्मेद अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। पुलिस को अंदेशा है कि जन्म के कुछ देर बाद ही उसे कपड़े में लपटेकर झाडिय़ों में फेंका गया है।
थानाधिकारी जयकिशन सोनी के अनुसार फतेहगढ़ में तेलियों की ढाणी में झाडिय़ों से रविवार रात एक बालिका के रोने व बिलखने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीण झाडिय़ों में पहुंचे तो कपड़े लिपटी बालिका रो रही थी। ग्रामीण उसे बाहर लाए और कपड़ा हटाया। गले में भी कपड़ा लपटे रखा था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर आईं। झाडिय़ों में जिन्दा मिली बच्ची को देचू के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उम्मेद अस्पताल रैफर कर दिया गया। उम्मेद अस्पताल में देर रात उपचार के बाद बालिका स्वस्थ्य बताई जाती है। परिजन का पता न लगने के कारण अब अस्पताल प्रशासन की ओर से बालिका को लवकुश संस्थान भिजवाने की प्रक्रिया चल रही है।
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