खारिया मीठापुर (जोधपुर). बरसात का दौर थमने के बाद अब भी पाली जिले की ओर से आ रहे पानी के कारण बिंजवाडिय़ा ग्राम पंचायत के आस- पास बसने वाली करीब डेढ दर्जन बेरे व ढाणियां जलमग्न हो गई है। बिंजवाडिय़ा गांव के चारों ओर पानी ही पानी भर गया। इससे तहसील मुख्यालय को जोडऩे वाले कई गांवों के रास्ते बंद हो गए। यातायात बंद होने से ग्रामीणो के परेशानी बढ़ गई। इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी ग्रामीणों की मदद करने प इनका दर्द सुनने कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि बिंजवाडिय़ा गांव स्थित जीएलआर व आस-पास बने मकानों के चारों ओर करीब 8 फीट पानी भर गया। रायपुर बांध से पानी की आवक होने से गांव के पास बसी ढाणी रीलानिया, रामसागर मेघवालों का बेरा, खारचिया चौधरी की ढाणी, सादों व ब्राह्मणों की डोली, नोखड़ा, हनुमानसागर, शिवढाणी, नवादिया, चौकीदारों की ढाणी, काकड़वाला भंवरिया, गोरवा, मगरियाबेरा, सियागो की ढाणी, सीताबाई का बेरा सहित डेढ दर्जन से अधिक ढाणियां पानी से घिरी हुई है। बिंजवाडिय़ा से पाटवा, हर्ष, झाझनवास, पृथ्वीपुरा जाने के रास्ते बंद हो गए है। गांव सहित आस- पास के गंव बरना, खारिया मीठापुर, उदलियावास, हर्ष, बिलाड़ा, भावी, हरियाड़ा, पालासनी, गोलिया, डांगियावास, बीसलपुर, दांतीवाड़ा, मोटूंगा, पीथावास, रामपुरिया सहित कई गांवों में मूंग, तिल सहित अन्य फसलें बर्बाद हो गई।
हरियाड़ा का तालाब फूटा, ग्रामीणों ने रोका पानी
भावी. पानी की तेज आवक के चलते रविवार को बिलाड़ा पंचायत समिति के हरियाडा गांव का तालाब फूटने से पानी बहने लगा। जानकारी मिलते ही सरपंच नत्थाराम कई ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और टूटे हुए पाल के हिस्से के आगे रेत के कट्टे डाले । सरपंच नत्थाराम ने बताया कि तालाब फूटने की जानकारी देने के लिए पटवारी को फोन किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। कहीं से भी मदद नहीं मिलती देख गोविंदसिंह राजपुरोहित, बुद्धाराम, मल्लाराम जाजंडा, रामलाल सेवदा, राजूराम सरगरा, भागीरथ देवासी, नैनाराम ढाका, कालूराम, शिवलाल रेगर, गंगाराम बावरी, खुमाराम जाट, श्याम हाडा, दिनेश जाट, कल्लाराम देवासी, डूंगरपुरी, नत्थाराम शर्मा, डूंगरराम मेघवाल, रमेश सरगरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास एकत्र हुए और टै्रक्टर-ट्रॉली, पावड़े, तगारी, कट्टे लेकर आए और पास से रेत से भरे 6 सौ कट्टे पाळ के आगे डाल दिए। इससे पानी की निकासी रुकी। इसके बाद वहां जेसीबी की मदद से रेत डलवाई। ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और तालाब का पानी बहने से बच गया।
कालाऊना गांव पहुंचा लूणी नदी का पानी
पानी की हो रही तेजी से आवक के चलते कालाऊ ना गांव से गुजरने वाली लूणी नदी का पानी तेज बहाव से बहने की सूचना पर गांव के पास बने पुलिए पर पूरे दिन ग्रामीणों को भीड़ नजर आई। ग्रामीण पदमसिंह राठौड़ ने बताया कि ग्रामीणो ने ढोल के साथ पानी क बधाया, महिलाओं ने मंगल गीत गाए। ग्रामीणों ने पानी आने की खुशियां मनाई व सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की। पानी बहते हुए जसवन्तसागर बांध में जा मिला।
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