बोरुन्दा (जोधपुर). कस्बे में स्थित राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में एक चिकित्सक के भरोसे 40 हजार की आबादी के चलते चिकित्सा सेवाएं लडखड़़ाने लगी है। चिकित्सालय में चिकित्सकों के 3 पद सृजित हैं।
एकमात्र चिकित्सक के भरोसे ओपीडी, राजकीय बैठकें, एमएलसी, पोस्टमार्टम, डिलीवरी ,रात्रि कालीन सेवाएं तथा इमरजेंसी कार्य है। दो पद रिक्त होने से प्रतिदिन आने वाले मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिदिन आने वाले करीब 300 मरीजों को देखने में लंबी कतारें लग जाती हैं। वहीं दुर्घटनाओं तथा डिलीवरी के दौरान चिकित्सकों की कमी जानलेवा साबित हो सकती है। करीब छह माह पूर्व यहां पर 3 चिकित्सक लगे हुए थे।
ये उप स्वास्थ्य केंद्र आते हैं बोरुंदा के अधीन
उप स्वास्थ्य केंद्र मादलिया, उप स्वास्थ्य केंद्र गढसूरिया, उप स्वास्थ्य केंद्र भाकरों की ढाणी, उप स्वास्थ्य केंद्र पटेल नगर, उप स्वास्थ्य केंद्र लवारी, उप स्वास्थ्य केंद्र मालावास।
इन्होंने कहा
कार्य व्यवस्था में लगे चिकित्सक के मूल स्थान पर लगने से कुछ अव्यवस्था हो रही है लेकिन शीघ्र ही चिकित्सकों की नियुक्ति राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार हो जाएगी।
-डॉ. बलवंत मंडा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जोधपुर
चिकित्सालय में आने वाले सभी मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं देने के सभी प्रयास किए जा रहे हंै। वहीं चिकित्सकों के रिक्त पदों की सूचना मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी तथा राज्य स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है।
-डॉ. विक्रम चौधरी, प्रभारी चिकित्सक राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय बोरुंदा
चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के चलते पद रिक्त हुए हैं। अतिशीघ्र चिकित्सक लगाकर चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को राहत प्रदान की जाएगी।
-हीराराम मेघवाल, विधायक बिलाड़ा
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