Jodhpur . पिछले साल दिवाली से ठीक पहले मौसम की तबीयत जो नासाज हुई, अब तक पटरी पर नहीं आ पाई है। सर्दी, गर्मी, मावठ व आंधी यहां तक कि मानसून की जलवायु भी ग्लोबल वार्मिंग के संक्रमण की चपेट में आ गई है। मौसम का हाल यह है कि प्रदेश के सर्वाधिक ठण्डे महीने जनवरी में भी तापमान अधिक रहा। फरवरी में जो मावठ आनी थी वह मार्च में शिफ्ट हो गई। होली तक रह-रहकर बरसात हो रही थी। अप्रेल-मई में चलने वाली तेज हवा के झौंके जून में शिफ्ट हो गए। मानसून मुहाने पर आने के बावजूद पाकिस्तान व खाड़ी देशों से धूल भरी हवा सामने आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून अधिक समय तक टिके रह सकता है यानी सितम्बर अंत तक बरसात हो सकती है।
इन 10 बिंदुओं से समझें मौसमी बदलाव को
मौसमी कारक-----महीना-----सामान्य परिस्थिति----- यह हुआ
1 तापमान-----अक्टूबर 2018-----रात में गुलाबी ठण्डक-----माउंट आबू में पारा 10 डिग्री से नीचे
2 सर्दी ----- नवम्बर 2018 ----- सर्दी का अहसास शुरू-----अक्टूबर की तुलना में भी गर्म रहा
3 तेज सर्दी ----- दिसम्बर 2018----- दिन व रात में सर्दी शुरू-----कड़ाके की सर्दी, आबू सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पारा शून्य से नीचे आ गया।
4 शीतलहर-----जनवरी 2019 -----कड़ाके की ठण्ड, पाला पडऩा-----दिसम्बर से तापमान अधिक रहा। कड़ाके की सर्दी का पूर्वानुमान लगाते हुए शिक्षा विभाग ने जनवरी के प्रथम सप्ताह तक छुट्टी घोषित की लेकिन अधिक सर्दी नहीं पड़ी और छुट्टी का फैसला गलत साबित हुआ।
5 तापमान-----फरवरी 2019 -----सर्दी कम व मावठ----- सर्दी कम तो हुई लेकिन मावठ अधिक
6 बसंत----- मार्च 2019----- रात में हल्की सर्दी, दिन सामान्य-----इस साल पश्चिमी विक्षोभों की संख्या प्रति महीना 3-4 से बढकऱ 7-8 हो गई, जिससे 20 मार्च होली तक सर्दी जैसा मौसम रहा। हवा की दिशा पूर्वी ही बनी रही।
7 आंधी-----अप्रेल 2019----- तेज हवा बहना, तापमान बढऩा----- एक दम से तेज गर्मी शुरू हुई, आंधी व तेज हवा उतनी नहीं थी।
8 गर्मी -----मई 2019 ----- भीषण गर्मी-----गर्मी की अवधि घट गई। तेज हवा के साथ छींटे गिरे।
9 मानसून -----जून 2019---- हवा रुकना, नमी का प्रवेश-----हवा की दिशा अब तक पश्चिमी रहने से आंधी-अंधड़ बरकरार। गर्मी कम रही।
10 बरसात-----जुलाई 2019-----मानसूनी बारिश-----दक्षिणी-पश्चिमी हवा बनी हुई है। धूल भरी हवा चल रही है। इसने मानसून को रोक दिया। मानसून की बंगाली की खाड़ी की शाखा से बरसात के लिए हवा की दिशा दक्षिणी-पूर्वी व पूर्वी जरूरी है। हवा का पैटर्न देरी से आगे सरक रहा है।
पश्चिमी विक्षोभों के कारण बदलाव
थार प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभों का चक्र गड़बड़ाने से मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। जलवायुवीय हवा के पैटर्न में एक खास बदलाव आया है। जिससे सर्दी, गर्मी व बरसात का समय बदल रहा है।
-डॉ. अमलकर, पूर्व वैज्ञानिक, केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) जोधपुर
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