जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (anganwadi worker) के लिए आवेदक महिला के विवाहित होने की शर्त को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार (state govt. of rajasthan) से जवाब तलब करते हुए याचिकाकर्ता अविवाहित युवती का आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं।
अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग (deptt. of women and child walfare) ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अशिक्षित महिलाओं को शिक्षित करने और जरूरतमंद बच्चों को खाद्यान्न देने की योजना प्रारंभ की थी।
इसके लिए 9 नवंबर, 2016 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकार्ता एवं सहायिका पदों पर आवेदन लेने एवं संबंधित ग्राम पंचायत की ग्राम सभा के माध्यम से चयन करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए निर्धारित योग्यता न्यूनतम दसवीं पास, कंप्यूटर ज्ञान, राजस्वग्राम की निवासी होने के अलावा उम्र 21 से 35 वर्ष के बीच होना तय किया गया। लेकिन इसमें एक अजीब शर्त यह जोड़ी गई कि आवेदक महिला का विवाहित होना आवश्यक है।
इस शर्त को अवैधानिक व मनमाना बताते हुए कोर्ट में चुनौती दी गई। खिलेरी ने बताया कि अनुच्छेद 4 के तहत राज्य किसी भी व्यक्ति को विधि के समक्ष समानता से इनकार नहीं कर सकता।
ऐसी स्थिति में अविवाहित युवती को नियुक्ति से मना नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश अरुण भंसाली ने अप्रार्थियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब तलब किया है और याची का आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं।
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