जोधपुर. फिटनेस ( Fitness ) को लेकर लोग अब जागरूक होने लगे हैं। इसके लिए महिलाएं भी घर से बाहर निकल कर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे रही हैं। वहीं जोधपुर की एक दंपती ऐसी है जिन्होंने स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या में बदलाव किया था। लेकिन आज वे मिसाल कायम कर रहे हैं। मूलत: जोधपुर के महेंद्र सिंह चौहान और मीना कंवर देश-विदेश में आयोजित होने वाली मैराथन ( marathon ) प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेकर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। हाल कोटा में कोचिंग संस्था का संचालन कर रहे महेंद्र सिंह ने बताया कि बढ़ते वजन को देख पेशे से चिकित्सक छोटे भाई ने दिनचर्या में बदलाव के लिए उत्साहित किया था। वर्ष 2016 में दौड़ आदि की शुरुआत की। फिर पत्नी मीना कंवर भी सुबह साथ देने लगीं।
विभिन्न शहरों में होने वाली मैराथन में वे भाग लेने लगे। 6 महीने में करीब 7 मैराथन में दौड़ लगाई। 2017 में एम्सटर्डैम में युगल के तौर पर पहली बार भाग लिया। इसके बाद दिल्ली, जयपुर, कोटा, मुंबई, प्राग व जर्मनी आदि में आयोजित मैराथन व हाफ मैराथन में भाग लिया। युगल के तौर पर वे अब तक करीब 15 मैराथन में भाग ले चुके हैं। यही नहीं अब वे खुद भी मैराथन का आयोजन करवाने में लगे हैं। इन दिनों वे जर्मनी में होने वाले आयरन मैन प्रतियोगिता की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
वल्र्ड रिकॉर्ड इंडिया ने किया सम्मानित
वल्र्ड रिकॉर्ड इंडिया की ओर से दोनों को दंपती के तौर पर लगातार 7 हाफ मैराथन में भाग लेकर नया रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि अपने आप को प्रेरित करने के लिए वे विख्यात लोगों के वीडियो देखते हैं। साथ दौड़ लगाने वाले बुजुर्गों से भी खासी प्रेरणा मिलती है। दंपती ने बताया कि इन प्रतिस्पर्धाओं में साथ भाग लेने पर पहले थोड़ा प्रतिरोध झेलना पड़ा। लेकिन उपलब्धियां मिलने पर अब सभी हौसला अफजाई करने लगे हैं।
खानपान में किया बड़ा बदलाव
महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने के लिए उसके अनुरूप आहार होना आवश्यक है। ऐसे में दंपती ने अपनी डाइट में परिवर्तन करते हुए रोटी और चीनी का सेवन बिल्कुल कम कर दिया है। धावक के लिए उपयुक्त आहार का ही सेवन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जोधपुरी होकर खाने-पीने पर नियंत्रण रखना थोड़ा कठिन है, लेकिन एक बार मन बना लिया जाए तो लक्ष्य प्राप्ति तक उसे पूरा करना ही चाहिए।
बेटा शिवराज भी है धावक
महेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चे अभिभावकों को देख कर ही प्रेरित होते हैं। उनका 10 वर्षीय बेटा शिवराज भी अपने माता-पिता के साथ प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने लगा है। शिवराज ने कोटा मैराथन में 10 किमी दौड़ लगा कर सबसे युवा धावक का खिताब अपने नाम किया है। इसके साथ ही वह अन्य प्रतिस्पर्धाओं में भी साथ दौड़ लगा रहा है।
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