बाड़मेर/जैसलमेर/जोधपुर. पाकिस्तान से अनियंत्रित टिड्डियां लगातार जैसलमेर के रास्ते भारत आ रही है तो इधर भारत में सात दिन से डेरा जमाए बैठी टिड्डी नियंत्रित होने से पहले ही अण्डा (फाका) दे चुकी है। इससे लाखों टिड्डियां रातों-रात बढऩे का खतरा पैदा हो गया है। टिड्डियां जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज तक पहुंच चुकी है और विभाग के लिए नियंत्रण को लेकर अब दोगुनी मशीनरी झोंकने की जरूरत महसूस की जा रही है। इधर बाड़मेर में पहले दिन सर्वे में टिड्डी नहीं दिखाई दी है। पाक से आ रही टिड्डी के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर जिलों की तरफ आगे बढऩे की आशंका है।
गत 21 मई को जैसलमेर के रामदेवरा क्षेत्र में प्रवेश कर चुका टिड्डी दल लगातार पाकिस्तान से आ रहा है। दिक्कत यह आ रही है कि रेंज क्षेत्र प्रतिबंधित होने के कारण टिड्डी प्रतिरक्षा एवं नियंत्रण विभाग व कृषि विभाग की टीम वहां पहुंच नहीं पा रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में नियंत्रण नहीं हो पाया है। उधर, रेंज में डेरा डाले बैठी टिड्डी ने अण्डे दे दिए हंै और फाका अब टिड्डी का रूप लेकर उडऩे लगी है। इससे बड़े पैमाने पर पेड़-पौधों व वनस्पति को नुकसान पहुंचने की आशंका सता रही है।
यहां देखे गए नए दल
मंगलवार को मंगलियों की ढाणी, अम्मुखां की ढाणी, चवराली व पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में नए टिड्डी दल नजर आए। पोकरण क्षेत्र के लोहारकी, रामदेवरा और नहरी क्षेत्र के मोहनगढ़, सादा माइनर और सुल्ताना क्षेत्रों में टिड्डी दल देखे गए। जैसलमेर के अलावा जोधपुर, जालोर, फलौदी, पाली, बीकानेर व नागौर से कृषि महकमे और टिड्डी नियंत्रण दल यहां पहुंच चुके और अलर्ट मोड पर हैं। इस बीच किसानों व पशुपालकों को अपने पशुओं को स्प्रे किए गए क्षेत्रों में नहीं भेजने की हिदायत दी गई है, वहीं टिड्डी दल से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत देने को कहा है।
यहां रोकना पड़ा छिडक़ाव
दो दिन तक रामदेवरा व लोहारकी के आसपास वन विभाग के क्षेत्र होने के कारण राज्य पक्षी गोडावण, चिंकारा व अन्य वन्यजीव जंतु होने से उनकी सुरक्षा को लेकर छिडक़ाव रोका गया।
बाड़मेर में अभी नहीं दिखी टिड्डी
बाड़मेर में मंगलवार को सुन्दरा क्षेत्र में सर्वे हुआ। सर्वे के दौरान अभी तक टिड्डी दल नहीं दिखाए दिए। सर्वे कार्य 30 मई तक जारी रहेगा।
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