भोपालगढ़. ग्रामीण इलाकों में इन दिनों रबी फसलों की कटाई करने का काम लगभग अंतिम चरण में है और रबी फसलों की कटाई के बाद खेतों में गर्मी की जुताई किए जाने से आगामी समय में ली जाने वाली खरीफ फसलों में कई फायदे होते है। इसको लेकर कृषि विभाग के कर्मचारी ग्रामीण इलाकों में किसानों को जानकारी दे रहे हैं। कृषि पर्यवेक्षक रफीक कुरैशी ने किसानों को बताया कि रबी की फसलों को लेने के बाद खाली हुए खेतों में गर्मी की जुताई करने से भूमिगत कीट-व्याधि के अवशेष व अण्डे आदि तेज गर्मी से नष्ट हो जाते है। जमीन में होने वाले खरपतवार के बीज भी गर्मी से नष्ट हो जाते हैं और इससे खरीफ की फसल के दौरान उगने वाली खरपतवार से निजात मिल जाती है। तीसरा सबसे बड़ा फायदा यह होता है, कि जुताई के कारण नरम हुई जमीन में बरसात में बारिश का पानी भूमि में अधिक तह तक जाने से भूमि में जलधारण क्षमता में वृद्धि होती है। कुरैशी ने बताया कि गर्मी की जुताई से भूमि में वायु संचार बना रहता है और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। भारी मिट्टी में गर्मी की जुताई करने से मिट्टी भुरभुरी व पोली हो जाने से भूमि से जल वाष्पीकरण भी कम होता है। (निसं)
कृषि विशेषज्ञ की सलाह
गर्मी की जुताई जमीन में रहने वाले खरपतवार व कीटाणुओं के अण्डों से निजात पाने के लिए सबसे सरल उपाय है। साथ ही भारी मृदा में वर्षा का जल धारण करने की क्षमता भी बढ़ती है और इससे सूक्ष्म तत्वों का संतुलन बना रहता है। फलस्वरूप फसल उत्पादन में वृद्धि होती है और यह कार्य किसानों के लिए खासा फायदेमंद है।
रामप्रकाश जाखड़, सहायक कृषि अधिकारी, भोपालगढ़।
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