जोधपुर।
नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) की जोजरी नदी में टैक्सटाइल इकाइयों में अवैध कपड़ा धुलाई से हो रहे राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) की सख्ती भी दिखावे की लगती है। दरअसल, एनजीटी की सख्ती के बाद मामले की सुनवाई की तिथि नजदीक आने पर ही आरएसपीसीबी अपना तेवर दिखाता है और सुनवाई के बाद हालात जस के तस हो जाते है।हाल ही में, 17 मई को एनजीटी में सुनवाई के करीब 8-10 दिन पहले बोर्ड ने ताबड़तोड़ कार्रवाइयां की। सुनवाई के बाद कार्रवाइयों का सिलसिला थम गया है लेकिन औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध कपड़ा धुलाई जारी है।
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एनजीटी ने भी कहा- मॉनिटरिंग नहीं होती
आरएसपीसीबी की ओर से कार्रवाई कर खानापूर्ति कर ली जाती है। एनजीटी ने भी एक सुनवाई के दौरान कहा था किआरएसपीसीबी की कार्रवाई कर ली जाती है, लेकिन उसकी मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। कार्रवाई के दौरान, इकाई के बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए जाते है। बाद में, उक्त इकाई के कनेक्शन कटे या नहीं, अवैध कनेक्शन लेकर काम तो नहीं कर रहे आदि की कोई मॉनिटरिंग नहीं होती। हाल यह भी है कि विभाग की ओर से प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की न तो नोटिस देकर पाबंद किया जाता है और न ही उनके खिलाफ कार्यवाही की जाती है।
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एनजीटी की सुनवाई से पहले हुइ कार्रवाई
दिनांक--- इकाइयां
6 मई-- 26
7 मई-- 12
8 मई-- 43
9 मई-- 06
10 मई-- 07
11 मई-- 10
13 मई-- 13
16 मई-- 03
यह कार्रवाई एनजीटी में 10 और 17 मई को हुई सुनवाई के कुछ दिन पहले की है।
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नियमित कार्रवाई हो तो जोधपुर से धुल जाए दाग
विशेषज्ञों के अनुसार, विभाग व प्रशासन की ओर से अवैध कपड़ा धुलाई करने वाली इकाइयों पर नियमित कार्रवाई व मॉनिटरिंग की जाए तो जोधुपर से अवैध कपड़ा धुलाई का दाग मिट जाएगा और जोजरी, बांडी व आसपास की नदियां प्रदूषण मुक्त हो जाएगी।
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अभी कार्रवाई नहीं चल रही है। अब 23 मई के बाद ही कार्रवाई हो पाएगी।
जगदीशसिंह, क्षेत्रीय अधिकारी
आरएसपीसीबी जोधपुर
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