जोधपुर।
केंद्र सरकार ने करीब दो वषज़् पूवज़् मूंग दाल का आयात बंद कर नियाज़्त करना शुरू किया। वहीं गत वषोज़् की तुलना में पिछले वषज़् फसल कम होने से घरेलू बाजार में मूंग दाल की बढ़ती मांग और आवक कम होने की वजह से आपूतिज़् प्रभावित हो रही है। इससे मूंग दाल के साथ अन्य दालों के भावों में तेजी आना शुरू हो गई। पिछले एक माह की बात करें तो मूंग, तुर और उड़द दाल सहित अन्य दालों में 10-30 रुपए की तेजी आई है। परिणामस्वरूप आम आदमी द्वारा खाई जाने वाली दाल महंगाई के चूल्हे पर उबल रही है और गृहणियों का बजट बिगड़ रहा है।
—
दलहन उद्योग पर टैक्स की मार
दाल के बढ़ते भावों का एक अन्य कारण प्रदेश में दालों पर दोहरा मंडी शुल्क भी है। एक तो जहां से उद्यमी कच्चा माल (यथा- मूंग, उड़द आदि) ला रहा है, वहां कृषि मंडी शुल्क चुका कर ला रहा है। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित कृषि मंडी शुल्क है। वषज़् 1963 से 2005 तक राज्य के बाहर से माल लाने पर उद्यमी कृषि मंडी शुल्क का भुगतान कर माल लाते थे, इस पर उनसे यहां पर राज्य सरकार की ओर से मंडी शुल्क नहीं लिया जाता था। राज्य सरकार की ओर से वषज़् 2005 से मंडी शुल्क लागू करने से जोधपुर सहित राज्य का दलहन उद्योग प्रभावित हुआ है।
—
दालों के होलसेल व रिटेल भाव
दालें--- प्रति क्विंटल भाव(रु. में )--------- प्रति किलो भाव (रु.में )
दाल चना- 5200-5600----------- 60-65
मूंग मोगर - 7900- 8500---------- 86-92
मूंग दाल - 7300-7500 ----------- 80-85
उड़द दाल - 6200-6500 ---------- 65-70
उड़द मोगर - 6200-8200---------- 90-95
काबली चना - 5800-6800--------- 95-100
अरहर दाल - 8200-8600------------ 90-95
मसूर मल्का - 5000-5300-------------60-65
-------
भाव मानसून पर निभज़्र
आगामी मानसून पर दालों के भाव टिके है। मानसून अच्छा होने से फसल अच्छी होगी व भाव कम होने की उम्मीद कर सकते है। मानसून खराब रहा तो दालों की मंडिय़ों में आवक कम होने से भावों में तेजी की संभावना है।
श्रेयांश जैन, व्यापारी
कृषि उपज मंडी, जोधपुर
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2JKRUK2
0 comments:
Post a Comment