लोहावट/ जोधपुर। आमतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान जगह-जगह पर पानी के झरने चलते हुए लोगो ने देखे होंगे, लेकिन आपने कभी रेत के झरने देखे हैं क्या? सुनने में आप को यकीन नहीं होगा। लेकिन यह हकीकत है। आज आप को दिखाते हैं रेत का झरना।
जोधपुर जिले के लोहावट कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से चल रही धूल भरी आंधी से जोधपुर- फलोदी स्टेट हाइवे पर बाबा रामदेव मंदिर के पास स्थित रेत के टीले से आंधी के दौरान रेत का झरना बहता हुए नजर आ रहा है। जो कि आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है। दो दिनों से चल रही आंधी की वजह से उड़ती हुई रेत यहां बने टीलों में ऐसे नजर आ रही है, मानो मखमली रेत का कोई झरना चल रहा है। वहीं लोहावट क्षेत्र में धूल भरी आंधी चलने से जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया है। आंधी से दुपहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों व प्रतिष्ठिनों में भी धूल की परत जमी नजर आ रही है। इससे जमी धूल को निकालने में लोगो को काफी मशक्कत भी करनी पड़ रही है।
बता दें कि प्रदेश में अगले 24 घंटे भी झुलसाती गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो तीन दिन धूलभरी हवाएं तेज रफ्तार से चलने और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में मेघगर्जन के साथ छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना जताई है। फिलहाल पश्चिमी राजस्थान भीषण लू की चपेट में है और आज भी गर्मी के तेवर तीखे रहने का अंदेशा है। धूल धुसरित मौसम गुलाबीनगर में श्वांस रोगियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पूर्वी पाकिस्तान की ओर से चलकर पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में अगले चौबीस घंटे में सक्रिय होने के संकेत हैं। ऐसे में अगले 24 घंटे बाद प्रदेश के उत्तर पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में धूलभरी हवाएं तेज होने व मेघगर्जन होने का अंदेशा है।
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