आरएसआरडीसी जुटा तैयारियों में-
रेलवे फाटक के पास रखे गर्डर को क्रैन से उठाने के दौरान ऊपर से गुजर रही 33 केवी विद्युत लाइन बीच में आ रही थी। जिस पर डिस्कॉम ने इस विद्युत लाइन को शिफ्ट कर दिया। उसके बाद गर्डर को क्रैन से उठाकर पटरियों के नजदीक रख दिया गया है। वहीं मौके पर पंहुची क्रेन व अन्य मशीनों की मदद से आवश्यक स्थानों पर गड्ढे किए जा रहे है तथा पूर्व तैयार किए गए ब्लॉक्स को लगाने के लिए उचित स्थान पर रखा जा रहा है। इस रास्ते से यातायात बंद करने के बाद रेलवे की फाटक को हटा दिया गया है।
अब ब्लॉकेज का इंतजार-
आरयूबी निर्माण जून 2016 में शुरू हुआ था। जिसमें 11.74 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। निर्माण कार्य शुरू होने पर पहले ब्लॉक्स का निर्माण किया गया, फिर रिटेनिंग वॉल का निर्माण। ये निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे की स्वीकृति के अभाव में पटरियों के नीचे खुदाई नहीं की जा सकी। अब रेलवे की स्वीकृति मिलने की संभावनाओं के बीच ही आरएसआरडीसी ने मौके पर मशीनरी व मजदूर तैनात करके तैयारियां शुरू कर दी है।
शीघ्र ही स्वीकृति मिलने की संभावना-
आरएसआरडीसी द्वारा एलसी-58 फाटक पर खुदाई को लेकर तैयारियां पूरी कर ली है तथा उम्मीद है कि जल्द ही रेलवे की सीआरए स्वीकृति मिल जाएगी। रेलवे ब्लॉकेज मिलते ही पटरियों के नीचे खुदाई शुरू कर गर्डर लगा दिए जाएंगे।
योगेन्द्र शर्मा, परियोजना निदेशक, आरएसआरडीसी, जोधपुर
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