जोधपुर. भीतरी शहर की तंग गलियों में कई मार्केट संचालित हो रहे हैं। इन मार्केट में कपड़े जैसे व्यवसाय भी चल रहे हैं, लेकिन यहां जरा सी चिंगारी पल भर में पूरे मार्केट को स्वाहा कर सकती है। जबकि आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान दमकलों की गाडिय़ों तक को घुसने की जगह नहीं मिल पाएगी। नई-पुरानी दुकानों की आड़ में यहां सैकड़ों लोग आया-जाया करते हैं। इन जगहों के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से फायर सैफ्टी सिस्टम को लेकर कोई बड़े इंतजाम नहीं है। जबकि लंबे समय से यहां के व्यापारी खुद अन्यत्र मार्केट देने की मांग कर रहे हैं।
वर्षों पुराने मार्केट, अतिक्रमण से रास्ते हो रहे और छोटे
अचलनाथ मंदिर रोड के रास्ते संचालित मेहता मार्केट वैसे ट्रेफिक के लिहाज से एक पोल में बना हुआ है। लेकिन यहां कई व्यापारी व उनके स्टाफ अपने वाहन भी पार्क करते हैं। ऊपर से बाजार में व्यापारियों द्वारा बाहर रखे सामान से पूरी जगह ही छोटी पड़ गई है। इस मार्केट में कई गलियां ऐसी हैं, जहां बाइक लेकर भी गुजरना नामुमकिन है।
इनका कहना
हम खुद चाहते हैं कि बासनी या झालामंड की तरफ कपड़ा मार्केट दिया जाए। करीब 650 होलसेल दुकानदार हैं। इस कारण यहां ट्रेफिक की समस्या भी खत्म होगी।
- दीपक सोनी, प्रवक्ता, जोधपुर वस्त्र व्यापार संघ
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11 कोचिंग सेंटर में नहीं मिली फायर एनओसी
जोधपुर. नगर निगम के शहर जोन दस्ते ने मंगलवार को वार्ड संख्या 23 व 27 में निरीक्षण किया। अतिक्रमण प्रभारी दीपक कन्नौजिया ने उपायुक्त अनुराग भार्गव के निर्देश पर भगत की कोठी व कल्पतरु शॉपिंग के आसपास करीब 11 कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। यहां एक भी जगह पर टीम को अग्निशमन की फायर एनओसी नहीं मिली। इन्हें जल्द से जल्द निगम से एनओसी लेने की हिदायत दी गई।
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