गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के परिसर में दो साल पहले शुरू हुए केंद्रीय विद्यालय (केवी) पर ताला लगाने की नौबत आ गई है। केवी कार्मिकों के वेतन पर ही केवल आईआईटी को 2 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे आईआईटी को खुद के अनावर्ती खर्चे हेफा (हायर एजुकेशन फाइनेंस एजेंसी) लोन से करने पड़ रहे हैं। आईआईटी ने फण्ड उगाई के लिए इस साल विद्यार्थियों की स्कूल फीस में प्रति महीना 1500 रुपए प्रोजेक्ट फीस के तौर पर बढ़ोतरी कर दी, लेकिन अभिभावकों के विरोध के बाद आईआईटी ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को पत्र लिखकर आईआईटी जोधपुर केवी को प्रोजेक्ट मोड से सिविल मोड में स्थानांतरित करने का आग्रह किया है, अन्यथा इसे चला पाने में असमर्थता जताई है।
जोधपुर में 2008 में आईआईटी शुरू हुई। नौ साल तक एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में संचालन के बाद 2017 में इसे करवड़ स्थित स्थाई कैंपस में शिफ्ट किया गया, जो शहर से 24 किलोमीटर दूर है। आईआईटी ने अपने कार्मिकों के बच्चों की स्कूली शिक्षा के लिए केवी शुरू करने की मांग की। अक्टूबर 2017 में एमएचआरडी ने अनुमति दे दी, लेकिन केवी को सिविल की बजाय प्रोजेक्ट मोड में दे दिया गया, जबकि देश की अन्य आईआईटी में केवी सिविल मोड में चल रही है। प्रोजेक्ट मोड में केवी आने से स्कूल के लिए भूमि, भवन, फर्नीचर, उपकरण और कार्मिकों के सभी वेतन-भत्ते आईआईटी को खुद को उठाने पड़ रहे हैं। दो साल तक केवी का खर्चा उठाते-उठाते आईआईटी की खुद की वित्तीय स्थिति खराब हो गई।
दो साल तक 800 रुपए फीस, अब देने होंगे 2300
देशभर में 1183 केवी संचालित हैं। जिसमें अधिकांश केवी की फीस संरचना एक जैसी होती है। आईआईटी जोधपुर में दसवीं तक केवी है। दो साल तक आईआईटी केवी ने पहली व दूसरी कक्षा की फीस 500 रुपए प्रति महीना, तीसरी से आठवीं तक 600 रुपए और नवीं-दसवीं कक्षा की 800 रुपए प्रति महीना प्रति छात्र फीस ली। इस साल सभी बच्चों की फीस में 1500 रुपए प्रोजेक्ट फीस में जोड़ दिए गए यानी दसवीं के छात्र को अब प्रति महीना 2300 रुपए देने पड़ेंगे।
खुद के केवल 9 छात्र, 200 से अधिक ग्रामीण बच्चे
आईआईटी ने खुद के कार्मिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए केवी शुरू की लेकिन स्वयं के कार्मिकों व शिक्षकों के लगभग सभी बच्चे जोधपुर शहर की नामचीन स्कूलों में जाते हैं। केवी में आईआईटी कार्मिकों के केवल 9 बच्चे पढ़ रहे हैं और 200 से अधिक बच्चे जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्र मण्डोर, बावड़ी, भवाद, जूड, खारी, घड़ाव, टूंट की बाड़ी सहित आसपास के गांवों के हैं।
केवल 9 प्रतिशत प्रोजेक्ट मोड में है केवी स्कूल
- 1183 केवी है पूरे देश में
- 691 केवी है सिविल मोड में
- 351 केवी है रक्षा क्षेत्र में
- 108 केवी है प्रोजेक्ट मोड में
- 33 केवी है इंस्टीट्यूट ऑफ हायर लर्निंग में
सिविल मोड में होते ही कम कर देंगे फीस
हमने केंद्र सरकार को केवी को प्रोजेक्ट से सिविल मोड में स्थानांतरित करने के लिए लिखा है। सिविल मोड में आते ही हम बढ़ी हुई फीस भी कम कर देंगे।
अमरदीप, पीआरओ, आईआईटी जोधपुर
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2YOYG6G
0 comments:
Post a Comment