ranveer choudhary/जोधपुर. लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगते ही कर्मचारियों के ब्लड प्रेशर, शुगर बढ़ गया है। प्रशिक्षण से पहले ड्यूटी निरस्त करवाने के लिए किसी ने अपनी शादी की खरीदारी, बीमार पत्नी की देखभाल तो किसी ब्लड प्रेशर, शुगर बढऩे का कारण बताया है। कई कर्मचारियों ने ड्यूटी निरस्त के लिए बीमारी के कारण तो बता दिए लेकिन मेडिकल बोर्ड से मेडिकल नहीं करवाया। लोकसभा चुनाव में ड्यूटी फिट होने के बावजूद अनफिट बताने वाले 150 आवेदन निरस्त कर दिए गए।
शादी की खरीदारी करनी है
शिक्षा विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी ने ड्यूटी निरस्त के लिए आवेदन किया था। जिसमें मई माह में खुद की शादी की तैयारियों व खरीदारी के लिए ड्यूटी निरस्त का आवेदन किया।
वजन ज्यादा है, शुगर भी बढ़ गई
ओसियां तहसील में कार्यरत शिक्षक ने आवेदन में बताया कि उसका वजन बढऩे के कारण चलने में दिक्कत होती है। इसके साथ ही उसका ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ गई है। शिक्षक का आवेदन मेडिकल बोर्ड के लिए भेज दिया गया।
पत्नी की देखभाल करनी है
जिला परिषद विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत कर्मचारी के अनुसार उसकी पत्नी पिछले काफी समय से बीमार है। पत्नी और बच्चों की देखभाल उसे करनी पड़ती है।
कैंसर की बीमारी है
आसोप के वेटनरी अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अनुसार उसकी जीभ में कैंसर हो रखा है, जिसका इलाज एम्स से चल रहा है। लेकिन डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट में कैंसर का जिक्र नहीं होने पर आवेदन मेडिकल बोर्ड भेजा गया।
ड्यूटी निरस्त के आवेदन
मतदानकर्मी...पेंडिंग....ड्यूटी निरस्त...आवेदन खारिज....मेडिकल बोड.....र्कुल आवेदन
पीआरओ........111.......184.................37.....................24.....................356
पीओ 1 ........39.........72..................22......................15.....................148
पीओ2..........64.........144.................66......................26..................300
पीओ 3...........63........160................25......................33.....................281
सबसे ज्यादा आवेदन पीठासीन अधिकारियों
लोकसभा चुनाव में ड्यूटी निरस्त कराने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन पीठासीन (पीआरओ) अधिकारियों के आए। सबसे ज्यादा आवेदन द्वितीय मतदान कर्मचारी (पीओ 2) के निरस्त हुए। ड्यूटी निरस्त कराने के लिए बीमारी का कारण सबसे ज्यादा तृतीय मतदान कर्मचारियों(पीओ 2) ने किया।
अब बीमारी का बहाना बनाया तो झूठ पकड़ा जाएगा
लोकसभा चुनाव में ड्यूटी निरस्त कराने के लिए कर्मचारियों ने अगर बीमारी का बहाना बनाया तो झूठ पकड़ा जाएगा। बीमारी के सभी मामले मेडिकल बोर्ड भेजे जा रहे हैं। मेडिकल बोर्ड की जांच में झूठ पकड़ा जाएगा। इसके अलावा बिजली, जलदाय व अस्पताल जैसे विभाग के कर्मचारियों को ड्यूटी से राहत दी जा रही है। इसके अलावा सही कारण या असक्षम कर्मचारियों की ड्यूटी निरस्त भी कर रहे हैं। इस दौरान कोई कर्मचारी प्रशिक्षण में नहीं आ पाए, उन्हें प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी कर रहे हैं।
-अंशदीप, मतदान कार्मिक प्रकोष्ठ प्रभारी
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