जोधपुर. चुनाव के समय मुद्दों पर बात होनी चाहिए। जो भी जनप्रतिनिधि चुना जाए वो जनता की समस्याओं का जल्दी से समाधान करें। यह बात राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित इलेक्शन टॉक मुद्दा क्या हैं की चर्चा में शामिल हुए लोगों ने कही। चर्चा में शामिल विरेंद्रप्रतापसिंह पाल ने कहा कि इस बार के चुनावों में स्थानीय मुद्दों के साथ ही राष्ट्रवाद का मुद्दा भी जरुरी है। राष्ट्रहित को सर्वोपरी रखते हुए विकास की भावना रखने वाला जनप्रतिनिधि ही शहर व देश का विकास कर सकता है। बन्नाराम बिंजारिया ने कहा कि किसानों के हित के लिए नई-योजनाए लागू होनी चाहिए। इस बार के चुनाव में किसानों की बात करने वाले जनप्रतिनिधि का समर्थन किया जाएगा। भल्लाराम ने कहा कि जातिवाद की राजनीति नहीं होनी चाहिए। इससे समाज को नुकसान हो रहा है। इसके बजाय मुद्दों की राजनीति होनी चाहिए। चर्चा में शामिल लोगों ने एक स्वर में कहा कि इस बार के चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले जनप्रतिनिधि से यह पूछा जाएगा की उसे वोट क्यों दिया जाए। जनप्रतिनिधि से विकास को लेकर विजन पूछा जाएगा।
बयानबाजी के बजाय विकास पर हो बात
राजुराम ने कहा चुनाव आते ही बयानों की राजनीति शुरु हो जाती है। इसमें मतदाताओं के मुद्दे गायब हो जाते हैं। वोट पाने के बाद नेताओं की ओर से मतदाताओं की कोई सुध नहीं ली जाती है। ऐसे में इस बार के चुनाव में न धर्म की राजनीति हो न बयान आधारित राजनीति। इस बार मुद्दों पर बात होनी चाहिए। जो भी जनप्रतिनिधि स्थानीय व आमजन से जुड़े मुद्दों पर बात करेगा उसी जनप्रतिनिधि को समर्थन किया जाएगा। चैनाराम ने महंगाई का मुद्दा बताते हुए अपनी बात रखी। चर्चा में शामिल हुए लोगों ने किसान कर्ज माफी, सर्जिकल स्ट्राइक, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, राष्ट्रवाद को भी प्रमुख मुद्दा बताया।
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