जोधपुर।
लोकसभा चुनाव 2019 ( Lok Sabha Election 2019 ) में राजस्थान ( Rajasthan ) की सबसे हॉट संसदीय सीट जोधपुर ( Jodhpur Constituency ) में शनिवार को किसी की नज़र लग गई। मामूली सी बात अचानक से ऐसा विवाद का रुप लगाई जिससे देखते ही देखते पूरे शहर का माहौल बिगड़ गया। दो पक्षों के बीच बिगड़ी स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों बाद स्थिति को काबू में किया गया। रविवार सुबह मौके पर शांति तो बानी हुई है लेकिन तनाव की स्थिति बरकरार है। गौरतलब है कि जोधपुर संसदीय सीट से भाजपा से प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ( gajendra singh shekhawat ) और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) के बेटे वैभव गहलोत ( VAIBHAV GEHLOT ) के बीच मुकाबला है।
ऐसे बिगड़ा मामला
दरअसल, मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को पीटने को लेकर तीन दिन से चल रहे विवाद के बाद शनिवार शाम सूरसागर के व्यापारियों का मोहल्ला में रामनवमी शोभायात्रा से लौट रही झांकियों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। इसके बाद दो गुटों के लोग आमने-सामने हो गए। कई मकानों पर पथराव करने के साथ बोतलें फेंकी गई और चार-पांच दुपहिया वाहन फूंक दिए।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचे और स्थिति नियंत्रित की। करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लेने के साथ क्षेत्र में पुलिस, आरएसी व स्पेशल टास्क फॉर्स तैनात की गई। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है और एफआइआर दर्ज की गई है।
प्रत्यक्षर्शियों ने बताई हकीकत
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शोभायात्रा समापन के बाद शाम को रथ व झांकियां सूरसागर से लौट रही थी। इनमें साथ चल रहे मोहल्ले के कुछ युवक नारेबाजी कर रहे थे। कुछ झांकियां आगे निकल और पीछे रहने वाली कुछ झांकियों के व्यापारियों का मोहल्ला पहुंचते ही पथराव शुरू हो गया।
आरोप है कि एक गुट से जुड़े कुछ युवकों ने सडक़ पर खड़े होकर मकानों पर पत्थर फेंके और बिजली के मीटर भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। अचानक हुए पथराव से लोगों में खौफ व्याप्त हो गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। कुछ युवक दीवार फांद एक मकान में घुसे और मोपेड व बुलेट जला दी। बच्चों की साइकिलें व सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए।
आरएसी के जवान ने छोड़ी आंसू गैस, डीसीपी नाराज
उपद्रव का पता लगने पर पुलिस उपायुक्त मोनिका सेन, डॉ. रवि व अन्य अधिकारी पुलिस व आरएसी के जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। समुदाय विशेष के विद्यालय में उपद्रवियों के एकत्रित होने की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची और विद्यालय की तलाशी लेकर लोगों को खदेड़ दिया। एक मकान की छत पर कुछ युवकों के छुपे होने का पता लगने पर आरएसी के एक जवान ने आंसू गैस छोड़ी तो डीसीपी ने जवान पर नाराजगी जताई।
थाने के बाहर धरने पर बैठे केन्द्रीय मंत्री
इसके बाद रात को केन्द्रीय मंत्री व भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्रसिंह शेखावत, महापौर घनश्याम ओझा व हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारी मौके पर आए और मोहल्ले में घूमकर मामले की जानकारी ली। कांग्रेस नेता सुनील परिहार भी मौके पर पहुंचे। विधायक मनीषा पंवार भी देर रात वहां आईं, लेकिन विरोध के चलते वो निकल गईं।
मोहल्लेवासियों ने निर्दोष लोगों को हिरासत में लेने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सूरसागर थाने धरना दिया। केन्द्रीय मंत्री शेखावत भी धरने पर बैठ गए। इससे किला रोड पर यातायात बंद हो गया। चौपड़ के पास खड़े ट्रक को आग लगाई स्थिति नियंत्रित होने के बाद देर रात सूरसागर चोपड़ से आगे कालीबेरी रोड पर खड़ी ट्रक में किसी ने आग लगा दी। आस-पास के लोगों ने काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन केबिन पूरी तरह लपटों से घिर गया।
मौके पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक केबिन पूरी तरह जल चुका था। मुख्यमंत्री गहलोत ने की शांति बनाए रखने की अपील मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शहरवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री लगातार पुलिस और प्रशासन से संपर्क बनाए रहे।
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