मथानिया. समर्थन मूल्य पर रायड़ा खरीद सीमा को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। ज्यादा पैदावार के बावजूद खरीद केन्द्रों पर किसानों से कम खरीद की व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
भारतीय किसान संघ के जिला कोषाध्यक्ष विनोद डागा ने बताया कि इस बार प्रति बीघा 4—5 क्विंटल रायड़ा की पैदावार हुई है। मौसम की अनुकूलता के चलते इस बार हुई बम्पर पैदावार के आंकड़े को ध्यान में रखने की बजाय राजफैड सिर्फ दो क्विंटल प्रति बीघा रायड़ा की पैदावार मान कर खरीद कर रही है। डागा ने बताया कि रायडा के समर्थन मूल्य व बाजार मूल्य मे 8 से 10 रुपए प्रति किलो का अन्तर होने से किसान समर्थन मूल्य पर उपज बेचना चहता हैं, लेकिन गलत नीतियों के आगे किसान बेबस है।
डागा ने बताया कि ओसियां व मथानिया में अब तक सिर्फ 2059 किसानों के पंजीयन हुए है। इस क्षेत्र में 18—20 हजार किसानों के यहां रायडे की पैदावार हुई है। इन खरीद केन्द्रों पर 10 अप्रेल से समर्थन मूल्य के हिसाब से खरीद चल रही है। इन्हें टोकन जारी करने की प्रक्रिया भी जटिल है और कम टोकन जारी किए जा रहे है। इसके चलते मथानिया में अब तक 150 किसानों में से 89 तथा ओसियां में 150 में से 67 किसान ही अपनी उपज बेच पाए है।
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