कोर्ट को दी जानकारी में सरकार ने किया खुलासा, इंटेलिजेंस ब्यूरो ने नहीं की पाक विस्थापितों को नागरिकता देने की अनुशंसा

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जोधपुर. इंटेलिजेंस ब्यूरो ने जोधपुर जिले में निवासरत 441 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता दिए की अनुशंसा से इनकार किया है। राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी में यह खुलासा हुआ। वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ में स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अतिरिक्ता महाधिवक्ता करणसिंह राजपुरोहित ने जोधपुर जिले में पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता दिए जाने के संबंध में वर्तमान स्टेटस की जानकारी दी।

वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने देश के 16 जिले के कलक्टरों को पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान के हिन्दू अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दिए जाने के अधिकार विकेंद्रीकृत किए थे। जिसकी अवधि पिछले साल बढ़ा दी गई। जिला स्तर पर ही पाक विस्थापितों को नागरिकता का अधिकार दिए जाने के बावजूद विस्थापितों को न तो नागरिकता मिल रही थी और न ही अन्य बुनियादी सुविधाएं। हाईकोर्ट ने स्वप्रेरणा से जनहित याचिका दर्ज करते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा था। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जोधपुर जिला प्रशासन को भारतीय नागरिकता के लिए पाक विस्थापितों के कुल 3090 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 434 आवेदनों को प्रथम दृष्टया ही खारिज कर दिया गया। क्योंकि उन आवेदनों को नागरिकता अधिनियम के अपेक्षित प्रावधानों के तहत जमा नहीं करवाया गया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि शेष 2656 आवेदनों को इंटेलिजेंस ब्यूरो की जांच के लिए भेजा गया। जिनमें से 2314 प्रकरणों की रिपोर्ट प्रशासन को मिल चुकी हैं।

राजपुरोहित ने बताया कि 441 पाक विस्थापितों के आवेदनों को आईबी ने नागरिकता दिए जाने योग्य नहीं माना है। इंटेलिजेंस से क्लीयरेंस प्राप्त 1019 पाक विस्थापितों को नागरिकता या स्वीकृति प्रदान की जा चुकी हैं। जबकि प्रशासन ने 346 आवेदन खारिज कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि 266 आवेदन बच्चों को नागरिकता दिए जाने के हैं। लेकिन आवेदनों के साथ माता या पिता के नागरिकता के दस्तावेज नहीं है। राजपुरोहित के अनुसार वर्तमान में जोधपुर जिला प्रशासन के पास केवल 242 पाक विस्थापितों के आवेदन ही लंबित हैं। पात्र विस्थापितों को नागरिकता दिए जाने की पालना को देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद नियत की।



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