जोधपुर.
मंडोर नौ मील क्षेत्र में पौधों को पानी पिलाने के लिए खोदे गए ट्यूबवेल में प्रदूषित व रंगीन पानी निकल रहा है। भूखंड धारक ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन व भूजल विभाग को की है। आशंका है कि आसपास औद्योगिक इकाइयों का अपशिष्ट छोड़ा जा रहा है।
भूखंड संख्या 61/1 के मालिक वरुणसिंह ने बताया कि उसके भूखंड पर काफी समय से ट्यूबवेल खुदा है। कुछ दिन पहले यहां प्लांटेशन के लिए पानी शुरू करने के प्रयास किए तो प्रदूषित व काला पानी आया। औद्योगिक अपशिष्ट की जांच के अधिकार केन्द्रीय भूजल बोर्ड को होने के कारण राज्य भूजल बोर्ड किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा है।
जानकारों के अनुसार इस मामले की व्यापक जांच जरूरी है। अअभी एक ट्यूबवेल में यह समस्या सामने आई है। मामला सामने आया है। भूजल विभाग को आस-पास के क्षेत्र में भी जांच करनी चाहिए। यदि सभी ट्यूबवेल से ऐसा पानी आ रहा है तो यह खतरे की घंटी है। क्योंकि इससे भूजल का स्तर तो बढ़ेगा ही साथ ही खेती योग्य जमीन भी बंजर हो सकती है।
इनका कहना...
औद्योगिक प्रदूषण पर कार्रवाई हम नहीं कर सकते। ऐसे केस केन्द्रीय भूजल बोर्ड की टीम ही देखती है।
- हनीफ खान गौराण, वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक।
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