जोधपुर.
शहर के भीड़भाड़ वाले ऐसे क्षेत्र जहां बिजली सिस्टम सुधार के लिए जीएसएस की दरकार है लेकिन जगह नहीं है, वहां अब गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जीआइएस) लगाए जाएंगे। प्रसारण निगम में जीआइएस के सफल प्रयोग के बाद प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियां जीआइएस बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। जोधपुर डिस्कॉम ने इसके लिए टैंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म कमेटी (डीआरसी) की ओर से बीते दिनों जोधपुर सहित अजमेर व जयपुर डिस्कॉम में जीआइएस लगाने की स्वीकृति जारी की थी। जोधपुर शहर में प्रयोग के तौर पर तीन जगह जीआइएस लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डिस्कॉम का मानना है कि ऐसे शहरी क्षेत्र जहां जगह की उपलब्धता नहीं है, वहां जीआइएस कारगर साबित होंगे। लेकिन जीआइएस की लागत साधारण जीएसएस के मुकाबले दो से तीन गुना अधिक होगी। इसके लिए पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की ओर से राशि स्वीकृत की गई है।
यह है विशेषता
- साधारण जीएसएस से 10 गुना कम जगह, अर्थात एक कमरे जितने स्थान में लग जाएगा जीआइएस।
- जीआइएस की उम्र जीएसएस से कई गुना अधिक है।
- कॉम्पैक्ट प्रणाली होने से शॉर्ट सर्किट व करंट का खतरा भी कम होगा।
जोधपुर में यहां बनेंगे जीआइएस
- सोजती गेट-नई सडक़ क्षेत्र।
- झालामंड क्षेत्र।
- लाल पुलिया क्षेत्र।
इनका कहना...
‘स्वीकृति मिलने के बाद टैंडर प्रक्रिया अपना रहे हैं। जीआइएस वितरण क्षेत्र में पहली बार लगेगा। लागत कुछ अधिक है लेकिन कम जगह में भी इसको स्थापित किया जा सकता है।
- एमएल मेघवाल, मुख्य अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम।
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