तेज धमाके के साथ धूजी धरती, जोधपुर संभाग में सोनिक बूम की तीसरी घटना

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जोधपुर.

जिले के आगोलाई, बालेसर व आसपास के गांवों सहित जोधपुर शहर के कई इलाकों में शनिवार शाम सवा चार बजे धरती में कम्पन के साथ तेज धमाके ने लोगों को दहला दिया। भूकम्प की आशंका से लोग घरों से बाहर आ गए। शहर में प्रतापनगर, चांदपोल समेत कई इलाकों में तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके की आवाज ६० से ७० किलोमीटर तक सुनाई दी। जिला प्रशासन व मौसम विभाग के अनुसार ये भूंकप के झटके नहीं थे। जानकारों के अनुसार लड़ाकू विमानों की तेज रफ्तार से बनी सोनिक बूम की स्थिति से एेसा हुआ।

जानकारी के अनुसार, जोधपुर वायु सेना स्टेशन से लड़ाकू विमान के उड़ान भरने के बाद वह बालेसर की ओर रफ्तार से गया। जहां आगोलाई के आसपास उसने साउंड बैरियर तोड़ा यानी लड़ाकू विमान की स्पीड 1 मैक हो गई। लड़ाकू विमान की ऊंचाई करीब 20 हजार फीट थी। साउंड बैरियर तोडऩे से जोधपुर और बालेसर के बीच कई गांवों व कस्बों में सोनिक बूम की ध्वनि सुनाई दी। जिससे हल्के कंपन भी महसूस हुए। पिछले एक माह में संभाग में सोनिक बूम की यह तीसरी घटना है।

इस महीने कब कहां हुआ सोनिक बूम-
1. तीनों जिलो में 100 किमी तक सुनाई दिया : 13 मार्च की रात दो सुखोई व 30 एमकेआइ विमान के फलोदी से गुजरते हुए जैसलमेर के नोख क्षेत्र के आसपास सांउड बैरियर तोडऩे पर सोनिक बूम हुआ था। जिसकी आवाज 100 किमी दायरे में फलोदी, बाप, बीकानेर के बज्जू, जैसलमेर के नोख क्षेत्र तक सुनाई दी।

2. जैसे भूंकप आ गया : पाली में शुक्रवार रात 10 बजकर 58 मिनट पर चार बार तेज धमाके के साथ कम्पन हुआ। धमाका इतना तेज था कि लोगों को लगा भूंकप आ गया। धमकों से सहमे लोग घरों से बाहर आ गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने भूंकप से इनकार करते हुए सोनिक बूम की आशंका जताई।

3. करीब 60 किमी तक सुना धमाका : जोधपुर में शनिवार शाम सवा चार बजे आगोलाई, बालेसर, प्रतापनगर, चांदपोल क्षेत्र में तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके के कंपन से लोग भूंकप समझ कर घरों से बाहर आ गए।

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...लगा जैसे भूकंप आ गया-

चांदपोल विद्याशाला क्षेत्र में दुकान संचालित करने वाले सूरज रांकावत ने बताया कि शाम करीब सवा चार बजे दुकान पर बैठे थे। इस दौरान तेज धमाके के साथ कंपन हुआ। उसे लगा कि भूंकप आ गया।
जसवंत थड़ा के पास तैनात सुरक्षा गार्ड भूर सिंह ने कहा, आकाश में अजीब सी तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। एेसी आवाज आम तौर पर नहीं सुनाई देती।

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भूकंप नहीं, सोनिक बूम-

मौसम विभाग के अनुसार यह भूंकप नहीं था। तेज धमाके की आवाज सोनिक बूम से हो सकती है। इस बारे में वायुसेना से भी बात हुई है।
प्रकाश राजपुरोहित, जिला कलक्टर

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पत्रिका नॉलेज

साउंड बैरियर टूटने पर होता है धमाका-
गौरतलब है कि लड़ाकू विमान की स्पीड की जांच के लिए कई बार पायलट शहरी इलाके से दूर जाकर उसे ध्वनि की रफ्तार से अधिक उड़ाता है। तब साउंड बैरियर टूटने से धमाके की आवाज आती है। सोनिक रफ्तार के समय कोई भी लड़ाकू विमान 20 से 30 हजार फीट की ऊंचाई पर होता है। अगर वह लो लेवल फ्लाइंग करता हुआ हो तो इससे कान के पर्दे तक फट सकते हैं।

कहां काम आती है सोनिक स्पीड-
दुश्मन के इलाके में बम और मिसाइल गिराने के बाद लड़ाकू विमान वापस अपने बेस पर आने के लिए सोनिक रफ्तार का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि उस समय लड़ाकू विमान पेलोड गिराने के बाद हल्का भी हो चुका होता है। भारतीय वायु सेना के सभी विमान सोनिक की रफ्तार हासिल कर सकते हैं।



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