जोधपुर/लोहावट. प्रशासन गांवों के संग शिविर में ग्राम पंचायत जाटावास की भूमि पर नियम विरूद्ध 511 व्यक्तियों को पट्टे जारी कर 2.38 करोड़ रुपए की चपत लगाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बुधवार को तत्कालीन सरपंच व वार्ड पंच सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जबकि तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सचिव पकड़ में नहीं आया।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक सवाईसिंह गोदारा के अनुसार प्रकरण में जिले के लोहावट तहसील में ग्राम पंचायत जाटावास निवासी तत्कालीन सरपंच दुर्गाराम जाट, तत्कालीन वार्ड पंच पुखपूरी गोस्वामी और जाटावास निवासी प्यारेलाल पुत्र भींयाराम मेघवाल को गिरफ्तार किया गया। जबकि तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सचिव मानाराम बिश्नोई पकड़ में नहीं आ सका। उसके बीकानेर जिले में होने की सूचना पर तलाश में टीमें भेजी गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गोपालसिंह भाटी के नेतृत्व में निरीक्षक अनिल शर्मा, हेड कांस्टेबल मोहनराम, कांस्टेबल रामकुमार, ओमप्रकाश, अमरसिंह व लालाराम ने तीनों आरोपियों को एसीबी मामलात की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए।
ग्यारह एफआइआर दर्ज, एक साथ पेश होंगे चालान
एएसपी गोपालसिंह भाटी ने बताया कि वर्ष 2010 में प्रशासन गांवों के संग शिविर में ग्राम पंचायत जाटावास की भूमि पर नियम विरूद्ध 511 लोगों को पट्टे जारी कर दिए गए थे। इससे सरकार को 2.38 करोड़ सात लाख 390 रुपए का नुकसान हुआ था। इस संबंध में जांच के बाद वर्ष 2014 में ग्यारह मामले दर्ज किए गए थे। ब्यूरो की तरफ से सभी मामलों में जांच पूरी हो चुकी है। तीन आरोपी पकड़ में भी आ गए हैं। जबकि लोहावट निवासी तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सचिव मानाराम बिश्नोई की तलाश बाकी है। उसके पकड़ में आने पर एसीबी की ओर से एक साथ ग्यारह मामलों में कोर्ट में चालान पेश किए जाएंगे।
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