भवन निर्माण की अनुमति दिलाने के बहाने महिला को भेजे अश्लील संदेश

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जोधपुर।
पावटा क्षेत्र में भवन निर्माण कार्य की अनुमति दिलाने के बहाने नगर निगम में सरदारपुरा जोन उपायुक्त के पीए सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी ने न सिर्फ महिला को अश्लील संदेश किए बल्कि महिला के ऑफिस तक जा पहुंचा और मिलने का दबाव डालने लगा। महिला की शिकायत पर महामंदिर थाना पुलिस ने शुक्रवार देर शाम छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया। उधर, निगम आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने देर शाम आरोपी कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश जारी किए। थानाधिकारी देवेन्द्र सिंह के अनुसार महिला की शिकायत पर नगर निगम में उपायुक्त के पीए कक्ष में कार्यरत कर्मचारी शुभम जावा के खिलाफ जबरन मोबाइल पर बातचीत और संदेश कर छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि मकान का निर्माण कार्य कराने की अनुमति लेने के लिए महिला ने नगर निगम में आवेदन किया था। उसने शुल्क भी जमा करवा दिया था। इसके बावजूद उसे अनुमति नहीं मिल रही थी। कुछ दिन पहले महिला निगम पहुंची और सरदारपुरा जोन उपायुक्त से मुलाकात की। वहां से बाहर निकलने पर उसे निगम में भिश्ती पद पर लगा शुभम जावा मिल गया। उसने महिला को काम करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही महिला से मोबाइल नम्बर भी ले लिए। आरोप है कि वह महिला के व्हॉट्सएेप पर संदेश भेजने लगा। उसने महिला को अकेले में मिलने के लिए दबाव डाला। कई अश्लील संदेश भी किए। वह उससे मिलने के लिए ऑफिस भी पहुंच गया। पति संग मिल वीडियो बनाया, चैटिंग सेव की महिला का कहना है कि मोबाइल नम्बर लेने के बाद आरोपी ने उसे फोन किए। फिर उसने अकेले में मिलने के लिए कहा। तब महिला ने पति से बात की। भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिली थी। एेसे में उसने ऑफिस में मिलने को बुलाया, जहां उसने पति से मिलकर चोरी-चुपके वीडियो भी बनाया। आरोपी की व्हॉट्सएेप चैटिंग भी सेव करके रखी। पुलिस में दर्ज कराए मामले के साथ महिला ने वीडियो व अश्लील चैटिंग भी सौंपी है। आयुक्त ने किया आरोपी को निलंबित महिला से अश्लील वार्तालाप व प्रस्ताव रखने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने एक आदेश जारी कर भिश्ती पद पर कार्यरत आरोपी शुभम जावा को तत्काल निलंबित कर दिया। उसका मुख्यालय उपायुक्त मुख्यालय के अधीन किया गया है। पद भिश्ती, लेकिन सारे काम देखता था दरअसल, नगर निगम में भिश्ती का कार्य अब नहीं रहा, लेकिन पद बरकरार है। लेकिन जावा की एजुकेशन देख उसे पीए सेक्शन में लगा दिया गया था। एेसे में कई लोग जावा को ही उपायुक्त सरदारपुरा जोन का पीए समझते थे। अक्सर पीए सेक्शन में आने वाले लोगों को जावा ही अटैंड करता था।



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