गजेन्द्र सिंह दहिया
जोधपुर.
पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों द्वारा बार-बार सीमा पार से आतंकी गतिविधियों के संचालन से परेशान भारत ने अब ब्रह्मोस-एनजी (नेक्सट जनरेशन) मिसाइल युक्त लड़ाकू विमान तैनात करने का फैसला किया है। भारत ने इसका नमूना पिछले महीने बेंगलुरू में हुए एयरो इंडिया-2019 में तेजस के साथ दो ब्रह्मोस मिसाइल लगाकर किया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित ब्रह्मोस-एनजी मिसाइल मूल ब्रह्मोस मिसाइल से काफी हल्की होगी। सुखोई-30 विमान में एक साथ 5 ब्रह्मोस-एनजी इंटीग्रेट की जाएगी। सुखोई-30 की स्क्वाड्रन जोधपुर के साथ पंजाब और उत्तरप्रदेश के एयरबेस पर भी है जो पाकिस्तानी सीमा के समानांतर है। इसके अलावा बीकानेर स्थित नाल एयरबेस और पंजाब में तैनात मिग-29 लड़ाकू विमान पर भी ब्रह्मोस-एनजी मिसाइलें लगेगी। राफेल के आने पर उसे भी ब्रह्मोस-एनजी फिट की जाएगी। इससे भारत का फायर पावर काफी बढ़ जाएगा।
क्रूज मिसाइल है ब्रह्मोस
भारत व रूस ने संयुक्त रूप से ब्रह्मोस मिसाइल तैयार की है। यह सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल है जो २९० किलोमीटर तक मार कर सकती है। जमीन से केवल 10 मीटर तक ऊपर उड़ान भरने की क्षमता के कारण यह राडार की नजरों से ओझल रहती है। भारत की नदी ब्रह्मपुत्र और रूस की मास्कोवा के नाम पर इसका नाम ब्रह्मोस रखा गया है। इसे जमीन, समुद्र और हवा तीनों से फायर कर सकते हैं।
क्या है ब्रह्मोस एनजी-
भारत ने नवम्बर 2017 से सुखोई से ब्रह्मोस मिसाइल दागने का सफल परीक्षण किया था, लेकिन मूल मिसाइल बहुत अधिक भारी होने के कारण नई पीढ़ी की मिसाइल तैयार की जा रही है। ब्रह्मोस-एनजी, ब्रह्मोस मिसाइल का ही रूप है जो मूल मिसाइल से हल्की और आधी कीमत पर तैयार होगी। इसकी क्षमता काफी अधिक होगी। भारत ने सुखोई विमान से ब्रह्मोस मिसाइल का टेस्ट कर रखा है। अब लड़ाकू विमानों को ब्रह्मोस-एनजी मिसाइल से लैस किया जाएगा।
ब्रह्मोस और ब्रह्मोस-एनजी में अंतर-
विशेषता ----------ब्रह्मोस ------------- ब्रह्मोस एनजी
लम्बाई ---------- 9 मीटर ---------- 6 मीटर
वजन ---------- 3000 किलो ----------1600 किलो
स्टील्थ टेक्नोलॉजी------ नहीं ---------- हां
स्पीड ---------- 2.9मैक ----------3.5 मैक
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2W5szgQ
0 comments:
Post a Comment