गवर-ईसर चले परदेस, 30 से अधिक देशों में निर्यात

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जोधपुर।

गणगौर के त्योहार की प्रतीक गवर-ईसर की पवित्र प्रेमगाथा की गंूज सात समन्दर पार विदेशों में भी है। गवर-ईसर की पूजा केवल मारवाड़ या राजस्थान में ही नहीं होती बल्कि विदेशों में इनकी पूजा की जाती है। इसके लिए, लकड़ी के हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों के निर्यात के लिए विश्वविख्यात जोधपुर से अन्य उत्पादों के साथ गवर-ईसर की प्रतिमाएं भी निर्यात होती है। तांकि विदेशों में रहने वाले अप्रवासी राजस्थानी व भारतीय महिलाएं गणगौर का त्योहार मना सके। गणगौर के सीजन में पूजनीय गवर माता व ईसर की प्रतिमाओं की देश-विदेश में मांग बढ़ गई है। विशेषकर आम की लकड़ी से तैयार इन प्रतिमाओं में गवर माता की विभिन्न मुद्राएं झलकती है। छोटे कद से आदमकद की इन प्रतिमाओं को बारीकी, आकर्षक कलाकारी से तैयार करने में करीब 15 से 20 दिन लगते है। कई विदेशी भारतीय संस्कृति को अपनाकर हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा कर रहे है, तो कई इन प्रतिमाओं को आकर्षक डेकोरेशन के लिहाज से खरीदते है। यह कई होटलों, शोरूम, संगठन भवनों आदि में डेकोरेशन के लिए रखी जाती है।

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15 करोड़ की प्रतिमाएं बिक जाती है

यहां के निर्यातक गवर-ईसर प्रतिमा के जोड़े की कीमत 1500 से लेकर 10 हजार रुपए तक लगाते है, जो निर्यात होने तक कई गुना बढ़ जाती है। शहर से घरेलू मार्केट व विदेशों में एक्सपोर्ट होने वाली गवर-ईसर प्रतिमाओं की कीमत लगभग 15 करोड़ रुपए है। देश के हर राज्य में गवर-ईसर की प्रतिमाओं की मांग अनुसार सप्लाई होती है। साथ ही, करीब 30 से अधिक देशों में इनका निर्यात किया जा रहा है। इनमें अमरीका, आस्ट्रेलिया, इटली, फ्रांस, जापान, इंग्लैण्ड, कनाड़ा, गल्फ आदि देश प्रमुख है।

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निर्यातकों के अनुसार,

गणगौर की सीजन में गवर-ईसर प्रतिमाओं की विशेष मांग रहती है। गवर-ईसर व भगवान की प्रतिमाओं के ऑर्डर मिलते रहते है। जो विश्वव्यापी मंदी के दौर से गुजर रहे हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग व निर्यातकों के लिए राहत की बात है।

डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

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विदेशों में भी गवर माता व ईसर की प्रतिमाआें की अच्छी मांग है। यहां से एक्सपोर्ट होने वाले हैण्डीक्राफ्ट आयटम्स के ज्यादातर कंटेनर्स में गवर-ईसर सहित भगवान की मूर्तियां जरूर होती है।

निर्मल भण्ड़ारी, वरिष्ठ निर्यातक

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हमारे शोरूम में घरेलू व विदेशी सभी प्रकार के ग्राहक आते है और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के साथ गवर-ईसर प्रतिमाओं की मांग करते है। हमारे से जापान, इटली आदि कई विदेशी ग्राहक गवर-ईसर की प्रतिमा खरीद कर ले गए और पूजा भी कर रहे है।

मनीष अबानी, निर्यातक



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