जोधपुर।
रेलवे में लोको पायलट द्वारा लगातार शराब पीकर ट्रेन चलाने की शिकायते मिल रही थी। रेलवे का पुराना शराब जांच सिस्टम भी इनको पकड़ नहीं पा रहा था। अब रेलवे ने एेसे एल्कोलिक पायलटों को पकडऩे के लिए क्रू मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर दिया है। इसमें तकनीक के आधार पर कई बदलाव भी दिए गए हैं। इससे रेलवे संरक्षा के साथ सुरक्षित ट्रेनों का संचालन संभव होगा। ट्रेन संचालन से पहले ऑन ड्यूटी होने आए लोको पायलट की आधुनिक तकनीक क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस ) से एल्कोहलिक जांच होगी। सीएमएस किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर लोको पायलट की टे्रन के लिए बुकिंग ही नहीं करेगा। रेलवे की ओर से लोको पायलट के बुकिंग के लिए रनिंग लॉबी में स्थापित सीएमएस से ब्रिथएनालाइजर को इंस्टॉल कर दिया गया है। अब तक पुराने समय से चले आ रही ब्रिथएनालाइजर से लोको पायलट लोको पायलट की एल्कोलिक जांच होती थी। जिसमें कई बार लोको पायलट के शराब पीने के बावजूद अन्य साथी से ब्रिथएनालाइजर से जांच करवाकर ऑन ड्यूटी हो जाते थे लेकिन अब ब्रिथएनालाइजर को सीएमएस से जोड़ दिया गया है । -
पेपर वर्क कम होगा
पहले लोको पायलट की ट्रेन में ड्यूटी बुक करने व ऑन ड्यूटी होने के बाद गन्तव्य स्थल ट्रेन लेकर पहुंचने पर उसे काफ ी पेपर वर्क करना होता था। आधुनिक तकनीक पर आधारित सीएमएस में सभी कार्य कंप्यूटरीकृत है। इससे लोको पायलट का पेपर वर्क कम होगा।
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जांच के बाद ही ट्रेन वर्क की अनुमति
रनिंग लॉबी में सीएमएस लोको पायलट की एल्कोलिक जांच करेगा यानी सीएमएस पर लोको पायलट अपना अंगूठा लगाएगा तो सीएमएस पहले उसकी फ ोटो खींचने के बाद ब्रिथएनालाइजर पर फूंक देने का मैसेज देगा। उसके बाद ही आगे का प्रोग्राम प्रोसेस में आएगा। ब्रिथएनालाइजर की जांच के बाद जब ओके आएगा तो ही सीएमएस लोको पायलट को ट्रेन वर्क की अनुमति देगा अन्यथा वह लोको पायलट को अनुमति नहीं देगा ।
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सुरक्षित होगा ट्रेनों का संचालन
सीएमएस में ब्रिथएनालाइजर जोडऩे से ट्रेनों के सुरक्षित संचालन व यात्रियों की सुगम यात्रा में मदद मिलेगी।
गोपाल शर्मा, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी
जोधपुर मण्डल
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